आंबेडकरनगर में आधी रात बुलडोजर कांड पर ऐक्शन, कोतवाल समेत 5 पुलिसवाले और लेखपाल सस्पेंड

Ambedkar Nagar Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के आंबेडकरनगरमें आधी रात हुए बुलडोजर कांड के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले में कोतवाल समेत पांच पुलिसकर्मियों और एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, तीन JCB को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस ने दो आरोपितों इंद्रजीत वर्मा और राहुल चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें कोतवाल संतोष कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अजय कुमार, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार पांडेय और कांस्टेबल उपेंद्र यादव शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठाई गई है। लेखपाल रोहित कुमार को भी सस्पेंड किया गया है।

आधी रात 50-60 नकाबपोश पहुंचे थे

बताया गया कि Ambedkar Nagar में आधी रात करीब 50-60 नकाबपोश लोग तीन बुलडोजर लेकर पहुंचे और 10 से अधिक मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि विरोध करने पर लोगों को असलहा दिखाकर धमकाया गया। रास्ते को दोनों तरफ से घेर लिया गया था और परिवारों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला।

घटना के बाद पुलिस ने जांचशुरू कर दी है। CCTV फुटेज खंगाली जा रही है और पीड़ित परिवारों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिसकर्मियों और लेखपाल पर कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी कार्रवाई आधी रात को प्रशासन और पुलिस की नजर से कैसे बची रही।

दुकानों के साथ रोजी-रोटी भी मलबे में दबी

बुलडोजर कार्रवाई (Ambedkar Nagar Bulldozer Action) में कई दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हुआ है। शरिफपुर के रविंद्र की फर्नीचर दुकान में करीब 1.5 लाख रुपये, मोहराई के अनिल कुमार की फास्ट फूड दुकान में करीब 50 हजार और कमलेश की लकड़ी की दुकान में करीब 50 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है।

रामकीरत की सब्जी की दुकान भी मलबे में दब गई, जिससे करीब 60 हजार रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। ठेला, सब्जियां, भूसा और अन्य सामान भी नष्ट होने का दावा किया गया है। प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने की व्यवस्था, दोबारा रोजी-रोटी शुरू करने और मलबे में दबा सामान निकालने की चुनौती है।

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