Varanasi News: माघ पूर्णिमा पर मनाई जाएगी संत नरहरी दास जी की 529वीं जयंती, सरकार से सम्मान की मांग
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Sandesh Wahak Digital Desk: भगवान विट्ठल के परम भक्त संत नरहरी दास जी की 529वीं जयंती माघ पूर्णिमा के अवसर पर 1 फरवरी को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई जाएगी।
संत नरहरी दास जी को भगवान विट्ठल का अनन्य भक्त माना जाता है, जिन्होंने अपने आराध्य में पूर्ण रूप से समर्पित होकर भक्ति की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की।
आज भी महाराष्ट्र के पंढरपुर में संत नरहरी दास जी के साथ भगवान विट्ठल की पूजा होती है, वहीं देश के कई राज्यों में उनकी जयंती धूमधाम से मनाई जाती है।
इस संबंध में वाराणसी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संत नरहरी चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशन सेठ ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के निर्माण में स्वर्णकार समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारें हिंदुत्व एवं संत-महापुरुषों के सम्मान की बात करती हैं, तो ऐसे में स्वर्णकार समाज के आराध्य देव संत नरहरी दास जी की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए।
किशन सेठ ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि संत नरहरी दास जी की जयंती को आधिकारिक रूप से घोषित किया जाए, केंद्र एवं प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में इसे मनाया जाए, संत नरहरी दास जी के नाम से स्मारक का निर्माण कराया जाए तथा इस दिन एकदिवसीय सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।
प्रेस वार्ता में संत नरहरी चेतना मंच के पदाधिकारियों और सराफा व्यापार से जुड़े प्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही।
इस दौरान वाराणसी सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष अधिवक्ता किशन सेठ, संयोजक राजकुमार सेठ, महामंत्री मुकुंद सेठ, कोषाध्यक्ष रत्नाकर वर्मा, मीडिया संगठन मंत्री सुनील सेठ, प्रचार-प्रसार प्रभारी विजय सेठ, अखिलेश वर्मा, रामबाबू सेठ, सतीश सेठ सहित बड़ी संख्या में स्वर्णकार समाज के लोग उपस्थित रहे।
संगठन की ओर से कहा गया कि संत नरहरी दास जी के विचार और भक्ति परंपरा आज भी समाज को एकजुट करने और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देती है।
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