नज़रअंदाज़ न करें Spinal Cord का दर्द, बन सकता है बड़ी समस्या की वजह
Sandesh Wahak Digital Desk: रोज मर्रा की जिंदगी में अक्सर कई लोगों को अक्सर रीड की हड्डी (Spinal Cord) में दर्द रहने की समस्या होती है। आमतौर पर लोग इसे गलत बैठने, थकान या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। लगातार या बार बार होने वाला रीड की हड्डी (Spinal Cord) का दर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। कई मामलों में इस दर्द के साथ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, जैसे चलने में परेशानी, कमर या गर्दन में अकड़न, हाथ पैरों में झनझनाहट, कमजोरी या लंबे समय तक बैठने और उठने में दिक्कत। ऐसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
बढ़ता Spinal Cord का दर्द बन सकता है समस्या
कई बार रीड की हड्डी (Spinal Cord) का दर्द धीरे धीरे बढ़ता है और रोजमर्रा के काम जैसे झुकना, बैठना या उठना भी मुश्किल हो जाता है। जब दर्द आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो यह संकेत होता है कि समस्या सामान्य नहीं है। ऐसे में समय रहते इसकी वजह को समझना और सही जांच कराना बेहद जरूरी हो जाता है।
एम्स दिल्ली के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में प्रोफेसर डॉ भावुक गर्ग के अनुसार रीड की हड्डी (Spinal Cord) में दर्द कई बीमारियों से जुड़ा हो सकता है। स्लिप डिस्क की स्थिति में नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे तेज और चुभने जैसा दर्द महसूस होता है। सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस या लम्बर स्पॉन्डिलोसिस जैसी समस्याओं में गर्दन और पीठ में लगातार दर्द बना रहता है।
इसके अलावा ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों का कमजोर होना भी रीड की हड्डी (Spinal Cord) के दर्द का एक बड़ा कारण हो सकता है। कुछ मामलों में नसों से जुड़ी समस्याएं, पुरानी सूजन या किसी तरह की चोट के कारण भी यह दर्द बढ़ सकता है। लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठकर काम करना या एक ही पोजिशन में घंटों काम करना भी इन समस्याओं को गंभीर बना देता है।
रीड की हड्डी को स्वस्थ रखने के उपाय
आपको बताते चलें कि, रीड की हड्डी (Spinal Cord) को स्वस्थ रखने के लिए सही पोश्चर में बैठना और उठना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचना चाहिए और बीच बीच में स्ट्रेचिंग करना फायदेमंद होता है। हल्की एक्सरसाइज, योग और रोजाना वॉक करने से रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) मजबूत रहती है। भारी वजन उठाने से बचना चाहिए और सोने के लिए सही गद्दे का चुनाव भी जरूरी होता है। अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे या बढ़ता जाए, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
समय पर जांच और सावधानी है जरूरी
दरअसल रीड की हड्डी (Spinal Cord) का दर्द अगर लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो यह भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है। इसलिए काम करते समय सही पोश्चर अपनाना, नियमित एक्सरसाइज करना, वजन को कंट्रोल में रखना और दर्द बने रहने पर समय पर जांच कराना बहुत जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए, क्योंकि सही इलाज ही इस समस्या से राहत दिला सकता है।
Also Read: Heart के लिए खतरनाक हो सकता है नींद का बार-बार टूटना

