असम चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ विदिशा नेओग समेत 3 के नामांकन रद्द
Sandesh Wahak Digital Desk: असम विधानसभा चुनाव (Assam Elections) से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। तीन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं, जिससे पार्टी को चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। अब तक कुल 18 नामांकन पत्र खारिज हो चुके हैं, जो चुनावी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
इन सीटों पर उम्मीदवारों के नामांकन रद्द
निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, ढकुआखाना सीट से आनंद नराह, हाफलोंग सीट से निर्मल लंगथासा और जलुकबारी सीट से विदिशा नेओग के नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं। जलुकबारी सीट खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव लड़ रहे हैं।
ढकुआखाना सीट पर फिलहाल बीजेपी के पूर्व मंत्री नबा कुमार डोले का कब्जा है। वहीं हाफलोंग सीट पर बीजेपी की कैबिनेट मंत्री नंदिता गारलोसा की उम्मीदवारी कांग्रेस की ओर से स्वीकार की गई है। वह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुई थीं और इसके तुरंत बाद नामांकन दाखिल किया था। हालांकि जिन तीन नेताओं के नामांकन खारिज किए गए हैं, उनके खारिज होने के कारणों की जानकारी निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराई गई है।
कई दलों और निर्दलीयों के नामांकन भी खारिज
अब तक जिन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज हुए हैं, उनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के तीन-तीन उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अलावा एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) और अपनी जनता पार्टी के एक-एक उम्मीदवार के साथ ही आठ निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द किए गए हैं। राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 815 से अधिक उम्मीदवारों ने कुल 1389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिनमें कई उम्मीदवारों ने एक से अधिक सेट में नामांकन भरे थे।
चुनाव आयोग ने चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के लिए पांच चुनावी राज्यों और उनके पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की है। इस बैठक में समन्वय बढ़ाने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और चुनाव को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
प्रलोभन पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटरों को प्रभावित करने के लिए पैसे और शराब के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से अपनी आर्थिक आसूचना इकाई को छह साल बाद फिर से सक्रिय किया था। असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। खासकर असम और पश्चिम बंगाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगने के कारण सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Also Read: Lucknow News: दूसरों की जमीन को अपना बताकर बेचने वाला ‘जालसाज’ गिरफ्तार, पुलिस ने बिछाया जाल

