Bareilly News: आरपीएफ पुलिस लाइन में जवानों को दिया गया CPR और अग्नि सुरक्षा का प्रशिक्षण
Bareilly News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में इन दिनों प्रदेश भर में सुरक्षा और जीवन रक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा राकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में जनपद के अलग-अलग हिस्सों में सीपीआर और फायर सेफ्टी प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को आरपीएफ पुलिस लाइन, इज्जतनगर में एक विशेष सीपीआर एवं अग्निशमन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों और जवानों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कदम उठाने के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना था।

एम्बुलेंस आने तक थमने न पाएं हाथ
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद नागरिक सुरक्षा कोर के सहायक उप नियंत्रक प्रमोद कुमार डागर ने जवानों को सीपीआर की महत्ता और उसकी बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि किन गंभीर परिस्थितियों में किसी अचेत व्यक्ति को सीपीआर देना बेहद जरूरी हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया, अगर सही तकनीक के साथ समय पर सीपीआर दिया जाए, तो किसी भी तड़पते व्यक्ति को नया जीवन दिया जा सकता है।
आपातकालीन स्थिति में यह प्रक्रिया तब तक बंद नहीं होनी चाहिए, जब तक कि डॉक्टर या एम्बुलेंस मौके पर न पहुंच जाए। जवानों की बेहतर समझ के लिए उन्होंने एक व्यावहारिक डेमो भी प्रस्तुत किया, जिससे जवानों को इस जीवन रक्षक तकनीक को स्टेप-बाय-स्टेप समझने में आसानी हुई।

एलपीजी सिलेंडर की आग बुझाने का मिला लाइव डेमो
सीपीआर के साथ-साथ सहायक उप नियंत्रक प्रमोद कुमार डागर ने अग्निशमन तकनीकों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जवानों को समझाया कि आग कितने प्रकार की होती है, इसके लगने के मुख्य कारण क्या हैं और अलग-अलग तरह की आग को बुझाने के लिए किन विशिष्ट उपकरणों का उपयोग किया जाता है।
ट्रेनिंग के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर में लगी आग और लकड़ी-गत्ते के कबाड़ में भड़की आग को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने का लाइव डेमो दिया गया। उन्होंने जवानों को गुरुमंत्र दिया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में दूसरों की मदद करते समय अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे पहला नियम होना चाहिए।
इस बेहद उपयोगी कार्यक्रम का सफल संयोजन डिप्टी डिवीजन वार्डन (आर) कवलजीत सिंह द्वारा किया गया, जिसमें अलखनाथ प्रखंड के अन्य पदाधिकारियों ने भी अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस प्रशिक्षण के बाद आरपीएफ जवानों की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता (इमरजेंसी रिस्पॉन्स) पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया
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