शादी का झांसा, 5 दिन तक बंधक बनाकर गैंगरेप, Prayagraj की महिला ने सुनाई खौफनाक आपबीती
Prayagraj News: जिले में एक महिला ने शादी का झांसा देकर घर से ले जाने, पांच दिन तक बंधक बनाकर गैंगरेप करने और बाद में रुपये लेकर दूसरे व्यक्ति को सौंपने का आरोप लगाया है।
महिला का कहना है कि जिस व्यक्ति से उसकी जबरन शादी कराई गई, उसने भी उसके साथ दुष्कर्म किया और लगातार प्रताड़ित किया। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट ने पुलिस को 10 दिनों के भीतर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
महिला ने बताया कि उसने मेजा क्षेत्र के एक व्यक्ति से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद उसके पति ने उसे सोने-चांदी के लाखों रुपये के जेवर दिए थे। कुछ समय बाद पति काम के सिलसिले में मुंबई चला गया।
इसी दौरान गांव में आने-जाने वाले दो लोगों ने उससे संपर्क बढ़ाया। दोनों खुद को पशु व्यापारी बताते थे। महिला के पास भी गायें थीं, इसलिए गाय खरीदने-बेचने के बहाने दोनों का उसके घर आना-जाना शुरू हो गया। धीरे-धीरे दोनों ने उससे मेलजोल बढ़ा लिया।
महिला का आरोप है कि दोनों लोगों ने उसे बड़े घर में शादी कराने और बेहतर जिंदगी दिलाने का भरोसा दिया। वह उनकी बातों में आ गई और एक दिन अपने जेवर लेकर उनके साथ चली गई।
रास्ते में आरोपियों ने उसे डरा-धमकाकर उसके सोने-चांदी के जेवर छीन लिए। उसका मोबाइल फोन भी ले लिया गया और स्विच ऑफ कर दिया गया। इसके बाद उसे कोरांव क्षेत्र के एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया।
पांच दिन तक बंधक बनाकर गैंगरेप का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि कोरांव में उसे पांच दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान दोनों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। महिला का कहना है कि उसे लगातार डराया-धमकाया गया और बाहर किसी से संपर्क करने का मौका नहीं दिया गया।
महिला के मुताबिक, कुछ दिनों बाद आरोपियों ने रुपये लेकर उसे एक अन्य व्यक्ति को सौंप दिया और उसकी जबरन शादी करा दी। पीड़िता का आरोप है कि उस व्यक्ति ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला ने बताया कि वहां उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। कई दिनों तक वह डर और दबाव में रही। आखिरकार 19 मार्च को वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही और अपने पहले पति के पास पहुंची।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, कोर्ट पहुंची पीड़िता
महिला का कहना है कि उसने अपने पति को पूरी घटना बताई, जिसके बाद दोनों पुलिस के पास पहुंचे। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने पुलिस अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई।
आखिरकार पीड़िता ने अदालत में याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में सामने आया कि इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
कोर्ट ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश
मामले को गंभीर मानते हुए अदालत ने पुलिस को 10 दिनों के भीतर FIR दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
मेजा ACP संत प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि फिलहाल उन्हें कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं मिली है। आदेश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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