एसडीएम हुए जानलेवा हमले को लेकर मायावती ने सरकार को घेरा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सीमावर्ती जिले हरदोई में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सरकारी ड्यूटी पर तैनात शाहाबाद के उपजिलाधिकारी (SDM) सुशील मिश्रा पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लेने और राशन वितरण की धांधली की शिकायत की जांच करने पहुंची राजस्व टीम पर ग्रामीणों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस पथराव में एसडीएम के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दुस्साहसिक वारदात पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
बाढ़ निरीक्षण के दौरान कोटेदार से हुआ विवाद
यह हिंसक घटना शाहाबाद कोतवाली इलाके के परियल गाँव की है। सोमवार दोपहर बाद एसडीएम सुशील मिश्रा राजस्व टीम के साथ गर्रा नदी की बाढ़ से बचाव के इंतजामों की समीक्षा करने गाँव पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने राशन कोटेदार द्वारा अनाज वितरण में हेराफेरी करने की शिकायत की। शाम करीब 5 बजे एसडीएम जब टीम के साथ कोटेदार की दुकान पर जांच के लिए पहुंचे, तो वहां नोकझोंक शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कोटेदार का ताल्लुक एक रसूखदार परिवार से है और उसके चाचा जिला पंचायत सदस्य हैं। विवाद बढ़ते ही कोटेदार के समर्थकों और उपद्रवियों ने पूरी टीम को घेरकर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एसडीएम का सिर फट गया।
यूपी की राजधानी लखनऊ के पड़ोसी ज़िला हरदोई में एक सरकारी अधिकारी शाहाबाद के एसडीएम श्री सुशील मिश्रा पर सरकारी निरीक्षण के दौरान दबंगों द्वारा ईंट व पत्थर आदि से किया गया जानलेवा हमला तथा उसमें उनके घायल होकर इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती होने की ख़बर है, जो दुर्भाग्यपूर्ण ही…
— Mayawati (@Mayawati) June 9, 2026
अस्पताल से एसडीएम को मिली छुट्टी
लहूलुहान हालत में एसडीएम को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहाबाद ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। प्राथमिक उपचार और हालत स्थिर होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी है। इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, सरकारी निरीक्षण कर रहे अधिकारी पर हमला होना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि अति-चिंताजनक भी है। यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और अराजक तत्वों पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। सरकार जनहित में दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाए।
सरकारी अधिकारी पर हुए इस हमले के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी अनुनय झा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी को तुरंत घटनास्थल पर भेजा। क्षेत्राधिकारी आलोक नारायण राज ने बताया कि अराजक तत्वों द्वारा किए गए इस पथराव की जांच की जा रही है और तहरीर मिलते ही आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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