रात में अचानक क्यों लगता है डर, जानें पैनिक अटैक की वजह और लक्षण
Nocturnal Panic Attack: कई लोगों को रात में अचानक घबराहट, पसीना और अनहोनी का डर महसूस होता है। डॉक्टर इस स्थिति को पैनिक अटैक कहते हैं। दिन में काम, बातचीत और सोशल मीडिया में दिमाग उलझा रहता है, इसलिए चिंता पर ध्यान नहीं जाता।
लेकिन रात को जब सब शांत होता है, तो दिमाग अपने ही विचारों और डर पर ज्यादा फोकस करने लगता है। Cleveland Clinic के अनुसार, जिन लोगों को पहले से तनाव या चिंता रहती है, उनमें यह समस्या ज्यादा दिखती है।
नींद के दौरान दिमाग और शरीर में क्या बदलता है
नींद के समय शरीर और मस्तिष्क कई जैविक बदलावों से गुजरते हैं। हल्की और गहरी नींद के बीच का ट्रांजिशन कुछ लोगों के लिए खतरे जैसा महसूस हो सकता है। JAMA Network की स्टडी बताती है कि कई नॉक्टर्नल पैनिक अटैक इसी बदलाव के दौरान होते हैं। इस समय सांस और दिल की धड़कन में हल्का बदलाव भी दिमाग को खतरा लग सकता है।

हार्मोन और ‘सोने का डर’ कैसे बढ़ाते हैं समस्या
रात में तनाव से जुड़ा कोर्टिसोल हार्मोन भी असर डालता है। NCBI के अनुसार, जिन लोगों में स्ट्रेस या पैनिक डिसऑर्डर होता है, उनमें हार्मोनल असंतुलन ज्यादा संवेदनशील रहता है। कुछ बार अटैक आने के बाद व्यक्ति को सोने से ही डर लगने लगता है। Sleep Foundation इसे फियर ऑफ स्लीप कहता है, जो खुद पैनिक अटैक का कारण बन सकता है।

नॉक्टर्नल पैनिक अटैक के आम लक्षण
डर से नींद खुलना, ज्यादा पसीना, तेज धड़कन, सांस फूलना, हाथ-पैर कांपना, चक्कर और सीने में दबाव इसके आम संकेत हैं। सही नींद की आदतें, तनाव प्रबंधन और समय पर विशेषज्ञ की मदद से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

