फास्टिंग सबके लिए नहीं फायदेमंद, थायरॉइड मरीजों को हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान

Health Tips: आजकल इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन घटाने और फिट रहने का लोकप्रिय तरीका बन गया है। कई लोग मानते हैं कि इससे शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक फास्टिंग थायरॉइड हेल्थ को प्रभावित कर सकती है। थायरॉइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और तापमान को नियंत्रित करती है। जब शरीर को लंबे समय तक पर्याप्त कैलोरी नहीं मिलती, तो थायरॉइड हार्मोन के बनने और काम करने की प्रक्रिया बदल सकती है।

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फास्टिंग से हार्मोन पर क्या असर पड़ता है

रिसर्च के मुताबिक, लंबे समय तक कैलोरी की कमी से टी3 हार्मोन का स्तर घट सकता है। टी3 हार्मोन शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल को नियंत्रित करता है। इसके कम होने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है। वहीं, रिवर्स टी3 हार्मोन बढ़ सकता है, जिससे शरीर “सर्वाइवल मोड” में चला जाता है और ऊर्जा बचाने लगता है। यह स्थिति हर व्यक्ति में बीमारी नहीं बनती, लेकिन पहले से थायरॉइड समस्या वालों में असर ज्यादा दिख सकता है।

Fasting ke fayde,- फास्टिंग के फायदे | HealthShots Hindi

किन लोगों में बढ़ सकते हैं लक्षण

हाइपोथायरॉइडिज्म से पीड़ित लोगों में गलत तरीके से की गई फास्टिंग से थकान, कमजोरी, ज्यादा ठंड लगना, ध्यान न लग पाना और वजन घटने की रफ्तार रुकने जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं।

किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए

थायरॉइड की दवा लेने वाले, गर्भवती महिलाएं, बहुत कम वजन वाले लोग और Hashimoto’s Thyroiditis जैसे ऑटोइम्यून रोग से जूझ रहे मरीजों को फास्टिंग से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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