मोदी से रिश्ते सुधार लेते तो IMF के कर्ज से मुक्त होता पाकिस्तान, शरीफ के सलाहकार का कबूलनामा

PM Modi: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सलाहकार राणा सनाउल्लाह खान ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने का एक अहम और ऐतिहासिक मौका गंवा दिया था।

एक पाकिस्तानी टीवी कार्यक्रम में सनाउल्लाह ने दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक हुई लाहौर यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उस समय इस पहल को सही तरीके से आगे बढ़ाया जाता तो दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की राह खुल सकती थी।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति और विरोध के कारण उस मौके का फायदा नहीं उठाया जा सका। सनाउल्लाह ने माना कि मौजूदा हालात के लिए पाकिस्तान खुद जिम्मेदार है और उसे अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेनी चाहिए।

भारत से बेहतर रिश्ते होते तो मजबूत होती अर्थव्यवस्था

राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि भारत के साथ अच्छे संबंध होने से पाकिस्तान को आर्थिक फायदा मिल सकता था। उन्होंने कहा कि बेहतर व्यापार और सहयोग से पाकिस्तान आज जी-20 का हिस्सा हो सकता था और अंतरराष्ट्रीय कर्ज पर निर्भरता कम हो सकती थी।

उन्होंने कहा, “आज हम IMF के कर्ज से मुक्त होते।” समा टीवी पर उन्होंने कहा कि जब कोई पड़ोसी देश आपके घर आता है और आप उसका स्वागत करने के बजाय विरोध करते हैं, तो बाद में रिश्ते सुधारना मुश्किल हो जाता है।

ट्रैक-2 डिप्लोमेसी पर भी की बात

सनाउल्लाह ने कहा कि आधिकारिक बातचीत कम होने के बावजूद भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल संपर्क पूरी तरह बंद नहीं हुए थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के कार्यकाल में शांति प्रयासों का भी जिक्र किया।

हालांकि, इस वीडियो की तारीख की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उनके बयान ने 2015 की कूटनीतिक पहल और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

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