योगी सरकार का बड़ा आदेश: 75 जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, जल्द ब्लॉक प्रमुखों पर भी फैसला

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच वर्षीय कार्यकाल शनिवार, 11 जुलाई को समाप्त हो रहा है। नई जिला पंचायतों के गठन तक अब निवर्तमान अध्यक्ष ही प्रशासक के रूप में कामकाज संभालेंगे।

पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव पर शासन ने शुक्रवार देर रात मुहर लगा दी। वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्षों की पहली बैठक 12 जुलाई 2021 को हुई थी। इसी आधार पर उनका कार्यकाल अब पूरा हो गया है।

अब ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द आएगा फैसला

जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू होने की संभावना है। ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई को समाप्त हो रहा है। माना जा रहा है कि 18 जुलाई को सरकार उन्हें भी प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर सकती है, ताकि नई व्यवस्था बनने तक प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।

इससे पहले 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर सरकार ने पहली बार निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी जाती थी। अब उसी मॉडल को जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में भी लागू किया जा रहा है।

ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का मामला हाईकोर्ट में

हालांकि, ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। फिलहाल निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं और उन्हें हटाया नहीं गया है।

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त तय की है। अदालत ने यह भी कहा है कि वह इस पहलू पर विचार करेगी कि समय पर पंचायत चुनाव न करा पाने में सरकार की कोई विफलता रही या नहीं। साथ ही उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 12(3-ए) की संवैधानिक वैधता पर भी सुनवाई होगी।

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