‘4700 करोड़ का एक्सप्रेसवे धंसा?’ अखिलेश के 4 सवालों से गरमाई सियासत, BJP-NHAI का पलटवार

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर सियासत तेज हो गई है। करीब ₹4,700 करोड़ की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके धंसने का दावा करते हुए योगी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे लोगों की सुरक्षित और तेज यात्रा के लिए बनाए जाते हैं, न कि ऐसे कि लोग सफर के दौरान भगवान का नाम जपने को मजबूर हो जाएं। उन्होंने सरकार से कई सवाल पूछते हुए निर्माण गुणवत्ता पर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने सरकार से पूछे 4 बड़े सवाल

  1. क्या ₹4,700 करोड़ की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया? महाराष्ट्र के ₹6,700 करोड़ के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट की हालत भी खराब है, तो क्या भाजपा शासित राज्यों में ‘महाभ्रष्टाचार’ की प्रतियोगिता चल रही है?
  2. क्या लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और महाराष्ट्र के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट का डिजाइन एक ही एजेंसी या ‘लखनऊ वालों’ ने तैयार किया है?
  3. क्या ये परियोजनाएं आम लोगों की सुविधा के लिए बनाई जा रही हैं या फिर भाजपा से जुड़े ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए?
  4. अगर भ्रष्टाचार की वजह से सड़कें उद्घाटन से पहले ही खराब होने लगें, तो क्या लोग 40 मिनट की यात्रा पर निकलने से पहले 40 बार सोचने को मजबूर नहीं होंगे?

BJP का पलटवार- ‘2027 चुनाव की हताशा’

अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्नाव भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने कहा कि विपक्ष विकास कार्यों को पचा नहीं पा रहा है और 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने के लिए इस तरह के निराधार आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण के दौरान कहीं कोई मामूली तकनीकी कमी आती भी है, तो संबंधित एजेंसी उसे समय रहते ठीक कर देती है।

NHAI ने बताया क्या है तस्वीरों का सच?

विवाद बढ़ने पर NHAI ने भी सफाई दी। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे की नहीं हैं। बारिश के कारण सड़क किनारे की मिट्टी (सिल्ट) का एक हिस्सा प्रभावित हुआ था, जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेसवे की मजबूती, निर्माण गुणवत्ता या यातायात सुरक्षा पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है और उद्घाटन से पहले सभी तकनीकी मानकों के अनुसार आवश्यक कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

अब इस मुद्दे पर सपा और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार और NHAI का दावा है कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और सोशल मीडिया पर भ्रामक तस्वीरों के जरिए विवाद खड़ा किया जा रहा है।

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