Lucknow: जगन्नाथ रथयात्रा की भव्य तैयारी, 50 हजार श्रद्धालु खींचेंगे रथ, मिलेगा 256 प्रकार का महाप्रसाद

Lucknow Jagannath Rath Yatra 2026: लखनऊ में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजधानी के अलग-अलग मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से निकलने वाली रथयात्राओं में इस बार श्रद्धालुओं को कई विशेष आकर्षण देखने को मिलेंगे। कहीं भगवान का रथ थाईलैंड से मंगाए गए फूलों से सजाया जाएगा तो कहीं विंटेज कारों पर धार्मिक झांकियां निकलेंगी। वहीं हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।

आयोजकों के अनुसार, इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा में हर वर्ष की तरह इस बार भी करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन के दौरान सुरक्षा, जलपान, प्रसाद और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

थाईलैंड के फूलों से सजेगा रथ, 21 फीट का ध्वज बनेगा आकर्षण

सुशांत गोल्फ सिटी स्थित इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने बताया कि रथयात्रा 16 जुलाई को रवींद्रालय, चारबाग से शुरू होगी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का रथ थाईलैंड से मंगाए गए विशेष फूलों से सजाया जाएगा, जिससे उसे फूलों के विशाल गुलदस्ते जैसा स्वरूप दिया जाएगा।

यात्रा (Lucknow Jagannath Rath Yatra 2026) में भगवान राम दरबार, राधारमण, बांके बिहारी, हनुमान, अष्ट सखियां और नारद मुनि समेत कई आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। इसके अलावा करीब 21 फीट ऊंचा भगवान जगन्नाथ का विशाल ध्वज भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

 

50 हजार श्रद्धालु खींचेंगे रथ

आयोजकों के मुताबिक इस्कॉन की रथयात्रा में लखनऊ के अलावा उन्नाव, बाराबंकी, गोंडा, सुल्तानपुर, लखीमपुर, कानपुर, इटावा और प्रयागराज समेत कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। पूरे आयोजन को व्यवस्थित करने के लिए 500 से अधिक स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, प्रसाद वितरण, पेयजल और गर्मी से बचाव की विशेष व्यवस्था की जाएगी। रथयात्रा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और भगवान जगन्नाथ की कथा का भी आयोजन होगा।

राजाजीपुरम में मिलेगा 256 प्रकार के व्यंजनों का महाप्रसाद

श्री वैष्णवी देवी सेवा संस्थान की ओर से राजाजीपुरम में निकलने वाली रथयात्रा (Lucknow Jagannath Rath Yatra 2026) में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक ही रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं को 256 प्रकार के व्यंजनों का महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके अलावा कढ़ी-चावल, बूंदी और आलू के पकौड़े का प्रसाद भी बांटा जाएगा।

संस्था के संयोजक करुण कृष्ण दास ने बताया कि इस वर्ष रथयात्रा की थीम ऊर्जा संरक्षण रखी गई है। श्रद्धालुओं को ऊर्जा बचाने और निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने का संदेश भी दिया जाएगा।

शहरभर में निकलेंगी पारंपरिक रथयात्राएं

चारबाग, डालीगंज, अलीगंज, चौक और राजाजीपुरम समेत राजधानी के कई इलाकों से रथयात्राएं निकाली जाएंगी। डालीगंज में रथ को करीब पांच क्विंटल फूलों से सजाया जाएगा और विंटेज कारों पर धार्मिक झांकियां निकाली जाएंगी। अलीगंज में परंपरा के अनुसार चांदी की प्राचीन झाड़ू से मार्ग की सफाई के बाद रथयात्रा शुरू होगी, जबकि चौक में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अलग-अलग रथों पर नगर भ्रमण करेंगे।

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