अंतरिक्ष में भारत का नया इतिहास, देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक लॉन्च

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। देश के पहले निजी तौर पर विकसित किए गए ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक उड़ान भरी।

इस ऐतिहासिक टेस्ट फ़्लाइट-1 ने अपनी यात्रा को तय समय में पूरा करते हुए न केवल पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में प्रवेश किया, बल्कि अपने अंतिम बर्न को सफलतापूर्वक अंजाम देकर पेलोड को लगभग 450 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित कर दिया। इस कामयाबी के साथ ही भारत, निजी क्षेत्र में ऑर्बिटल लॉन्च की क्षमता हासिल करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है।

तीन सॉलिड और एक लिक्विड स्टेज की अत्याधुनिक तकनीक से लैस है विक्रम-1

तकनीकी रूप से बेहद उन्नत ‘विक्रम-1’ रॉकेट की संरचना और इसकी कार्यप्रणाली बेहद अनूठी है। यह रॉकेट तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल की ताकत से संचालित होता है। इस विशेष मिशन को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह 350 किलोग्राम तक के पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा यानी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर, 60-डिग्री के झुकाव के साथ सटीकता से स्थापित कर सके। इस सफल प्रक्षेपण ने वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की निजी स्पेस कंपनियों की साख को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया है।

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