बद्रीनाथ धाम गबन कांड, तीर्थ पुरोहितों ने सीएम धामी से की वीआईपी दर्शन घूसकांड की जांच की मांग
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के गबन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस जांच का दायरा बढ़ाने के लिए तीर्थ पुरोहितों की शीर्ष संस्था श्री बद्रीश पांडा पंचायत ने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है। पंचायत ने मंदिर में विशेष दर्शन (वीआईपी एंट्री) के नाम पर अवैध वसूली करने और नियमों को ताक पर रखकर लोगों को परिसर में प्रवेश दिलाने वाले रैकेट की भी गहन जांच कराने की मांग की है।
बद्रीश पांडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी ने मुख्यमंत्री के कड़े कदमों का स्वागत करते हुए कहा, धाम में कुछ तत्व श्रद्धालुओं से मोटी रकम लेकर अवैध रूप से दर्शन करवा रहे हैं। इसके अलावा कई विभागों के कर्मचारी गेट नंबर 2 से अनधिकृत लोगों को एंट्री दिलाकर व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। चढ़ावे की चोरी के साथ-साथ इन भ्रष्ट तत्वों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, चौहान को इस वित्तीय हेराफेरी के मुख्य संदिग्धों में से एक माना जा रहा है। एसआईटी ने करीब चार घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया, जिसे आज (शनिवार) कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गिनती के समय ड्रेस कोड और सीसीटीवी की सिफारिश
राजेंद्र चौहान की यह गिरफ्तारी श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (बीकेटीसी) की चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति द्वारा अपनी 18 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के ठीक अगले दिन हुई है। जांच समिति ने भविष्य में चढ़ावे की चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कड़े सुझाव दिए हैं। कमेटी की मुख्य सिफारिशों में दानपात्र की राशि गिनने वाले स्टाफ के लिए एक विशेष ड्रेस कोड लागू करना और पूरे गिनती केंद्र के साथ-साथ आसपास के खुले इलाकों को हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाना शामिल है।
इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर बीकेटीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। नौटियाल, बीकेटीसी के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी के कार्यालय में पर्सनल असिस्टेंट (पीए) के पद पर तैनात थे और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
Also Read: अंतरिक्ष में भारत का नया इतिहास, देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक लॉन्च

