Lucknow News: 55 दिनों में पैसा डबल करने वाले BG Wealth गैंग का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में 55 दिन में धन दोगुना करने का सब्जबाग दिखाकर सीधे-साधे लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले एक बड़े साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन CyVajra के तहत साइबर सेल पूर्वी जोन और थाना गाजीपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गैंग के दो मुख्य सरगनाओं को चिन्हित कर उनके काले धंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जालसाजों के पास से मोबाइल, व्हाट्सएप चैट और भ्रामक प्रचार सामग्री जैसे कई अहम डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।

NCRP पर शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित महिला लक्ष्मी पाण्डेय (निवासी: कमता, लखनऊ) ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दीपक तिवारी और मनोज मिश्रा नामक ठगों ने उनके पति को झांसा देकर BG Wealth नाम की एक फर्जी निवेश योजना में 1,50,394 रुपये का निवेश करा लिया।
जब 55 दिन पूरे होने पर पीड़िता के पति ने अपना पैसा वापस निकालने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने 12 फीसदी अतिरिक्त टैक्स जमा करने का नया बहाना बना दिया। जब पीड़ितों ने टैक्स देने से मना किया और अपनी मूल रकम मांगी, तो आरोपी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगे। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी के शिकार हुए पैसों में से लगभग 1 लाख 5 हजार रुपये आरोपियों से जुड़े ‘म्यूल बैंक खातों’ में सफलतापूर्वक फ्रीज (होल्ड) करवा दिए हैं।

व्हाट्सएप ग्रुप और फाइव स्टार सेमिनार से बिछाते थे मल्टी-लेवल स्कैम का जाल
पुलिस की गहन तकनीकी तफ्तीश और पूछताछ में यह सनसनीखेज सच सामने आया है कि आरोपी दीपक तिवारी पुत्र नर्वदेश्वर तिवारी हाल निवासी चिनहट, लखनऊ व मूल निवासी रसूलपुर, बलिया और मनोज मिश्रा पुत्र स्व. जुगलदेव मिश्र हाल निवासी फफनामऊ, लखनऊ, मूल निवासी कुशीनगर मिलकर एक सुनियोजित मल्टी लेवल मार्केटिंग स्कैम चला रहे थे। ये जालसाज लोगों को फंसाने के लिए बाकायदा BG Wealth नाम से व्हाट्सएप ग्रुप चलाते थे, जहाँ फर्जी कोड्स और निवेश के भ्रामक स्क्रीनशॉट्स भेजकर लोगों का भरोसा जीतते थे।
इतना ही नहीं, गिरोह के सदस्य समय-समय पर बड़े-बड़े सेमिनार आयोजित करते थे। इन सेमिनारों में भारी भीड़ जुटाकर आकर्षक पम्पलेट, ब्रोशर और लुभावने विज्ञापनों के जरिए लोगों को 55 दिन में अमीर बनने का लालच देकर निवेश के लिए फंसाया जाता था।
पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर थाना गाजीपुर (लखनऊ) में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचकर कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है।
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