जौहर यूनिवर्सिटी को बुलडोजर कार्रवाई से बचाने के लिए सपा की मोर्चाबंदी, अखिलेश यादव ने बनाई 28 सदस्यीय टीम
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के खतरे को देखते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ी राजनीतिक मोर्चाबंदी की है। सपा अध्यक्ष ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 28 सदस्यीय एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह टीम गुरुवार को रामपुर पहुंचकर जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात करेगी और विश्वविद्यालय के भवनों को गिराए जाने के नोटिस का विरोध जताते हुए ज्ञापन सौंपेगी।
नक्शा पास न होने पर RDA ने 38 भवनों को घोषित किया है अवैध
दरअसल, रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों का नक्शा पास न होने के कारण उन्हें अवैध घोषित कर दिया है। प्रशासन ने प्रबंधन को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि यदि वे स्वयं इन इमारतों को नहीं गिराते हैं, तो प्रशासन का बुलडोजर इन्हें जमींदोज करेगा और इस कार्रवाई का पूरा खर्च भी विश्वविद्यालय प्रबंधन से वसूला जाएगा। सपा का कहना है कि यह कार्रवाई देश के शैक्षणिक ढांचे और संविधान प्रदत्त शिक्षा के अधिकार पर हमला है, जिससे गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के छात्र शिक्षा से वंचित होंगे।
ध्वस्तीकरण के बजाय कंपाउंडिंग का रास्ता अपनाए सरकार: अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरते हुए सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक शासनादेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि अगर सरकार चाहे तो बदले की भावना छोड़कर नियम के मुताबिक कंपाउंडिंग (शमन शुल्क) के जरिए नक्शों को मंजूरी दे सकती है। उन्होंने कहा कि इसी शासनादेश के तहत प्रदेश में हजारों इमारतों को वैध किया जा चुका है, फिर जौहर यूनिवर्सिटी के साथ पक्षपात क्यों? अखिलेश ने कहा- भाजपा बहाना न बनाए, शिक्षा के मंदिर को बचाए। विद्वेष हारेगा, सौहार्द जीतेगा।
दमकल विभाग की सीलिंग का खतरा भी मंडराया
एक तरफ जहाँ बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस मिला है, वहीं दूसरी ओर दमकल विभाग की गाज भी यूनिवर्सिटी पर गिर सकती है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा फायर सेफ्टी ऑडिट में मिली खामियों को लेकर जारी किए गए अंतिम नोटिस का जवाब देने की समयसीमा खत्म होने वाली है। यदि प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है, तो दमकल विभाग परिसर को सील करने की कार्रवाई कर सकता है।
28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख नेता शामिल
माता प्रसाद पांडेय की अगुवाई वाले इस प्रतिनिधिमंडल में 16 विधायक, 2 जिलाध्यक्ष और कई पूर्व विधायक शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से विधायक कमाल अख्तर, शाहिद मंजूर, अताउर्रहमान, रफीक अंसारी, अतुल प्रधान, पंकज मलिक, इकबाल महमूद और राम खिलाड़ी सिंह यादव के अलावा रामपुर जिलाध्यक्ष अजय सागर तथा पूर्व विधायक हाजी रिजवान व यूसुफ अंसारी शामिल हैं।
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