Lucknow News: जातीय जनगणना का प्रारूप दोषपूर्ण, ओबीसी की सही गिनती नहीं होगी- डाॅ अनिल जयहिंद

Lucknow News: जातीय जनगणना के मौजूदा प्रारूप को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद ने आरोप लगाया कि प्रश्नावली में कई खामियां हैं।

उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में ओबीसी और ईबीसी की वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा सामने आने में परेशानी हो सकती है।

कांग्रेस ने मौजूदा प्रश्नावली में बदलाव कर प्रमाणित जातियों की सूची के आधार पर ड्रॉपडाउन विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की है।

ओपन-एंडेड विकल्प पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

डॉ. जयहिंद ने प्रश्न संख्या-10 में दिए गए ओपन-एंडेड विकल्प पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में व्यक्ति अपनी जाति या उपजाति का नाम बताएगा और गणनाकार उसे उसी रूप में दर्ज करेगा।

उनके अनुसार, इससे एक ही जाति के अलग-अलग क्षेत्रीय नाम, उपनाम, उपजाति और वर्तनी दर्ज होने की संभावना है, जिससे आंकड़ों में अंतर पैदा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सही जातीय आंकड़ों के लिए प्रमाणित सूची जरूरी है। कांग्रेस का दावा है कि यदि एक ही जाति अलग-अलग नामों से दर्ज होती है तो उसकी वास्तविक संख्या कम दिखाई दे सकती है।

इसका असर आरक्षण, शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की नीतियों पर पड़ सकता है।

OBC के लिए प्रमाणित सूची नहीं होने का दावा

कांग्रेस नेता ने कहा कि मौजूदा प्रारूप में एससी और एसटी श्रेणियों के लिए उपजातियों का उल्लेख किया गया है, लेकिन ओबीसी के लिए प्रमाणित जातियों और उपजातियों की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और सरकारों के पास जातियों की सूचियां मौजूद हैं, तो जनगणना में ड्रॉपडाउन विकल्प क्यों नहीं रखा गया।

डॉ. जयहिंद ने मांग की कि मौजूदा प्रश्नावली को वापस लेकर प्रमाणित जातियों की सूची के आधार पर नया प्रारूप तैयार किया जाए।

2021 से जातीय जनगणना की मांग का दावा

डॉ. जयहिंद ने कहा कि कांग्रेस 2021 से सही तरीके से जातीय जनगणना कराने की मांग करती रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 2023 से लगातार यह मुद्दा उठाया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से भी 16 अप्रैल 2023 और 5 मई 2025 को प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जातीय जनगणना को लेकर सुझाव दिए गए थे।

प्रदेश प्रभारी और पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने भी प्रारूप में ओबीसी के लिए सूची नहीं होने का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजकर खामियों से अवगत कराया गया है।

सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जातीय आंकड़े सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

राजेंद्र पाल गौतम ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना के प्रारूप में बताई गई खामियों को दूर नहीं किया तो कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन करेगी।

प्रेसवार्ता में सांसद राकेश राठौर, पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन मनोज यादव, प्रवक्ता डॉ. उमाशंकर पांडेय, प्रियंका गुप्ता, रफत फातिमा, सचिन रावत और अलीमुल्ला खान समेत अन्य नेता मौजूद रहे।

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