छात्रों पर लाठीचार्ज से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन नाराज, बोला- जरूरत से ज्यादा हुआ बल प्रयोग
Supreme Court Bar Association: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। SCBA ने घटना की निष्पक्ष और तत्काल जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
एसोसिएशन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कथित लाठीचार्ज में कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा SCBA और अन्य कानूनी बिरादरी के कुछ सदस्य भी घायल हुए। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से दोषियों की पहचान कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है।
घायलों के इलाज और सुरक्षा पर भी जोर
SCBA ने अपने बयान में कहा कि सभी घायल छात्रों और कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। एसोसिएशन ने कहा कि वह घायलों के साथ खड़ी है और संवैधानिक अधिकारों, मानव गरिमा तथा कानून के शासन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
NEET मुद्दे पर जारी है प्रदर्शन
सोमवार को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च के लिए निकले थे। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के आरोप भी लगे। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए और सूत्रों के अनुसार कुल करीब 50 लोग चोटिल हुए।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
Also Read: पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ CM आवास की ओर बढ़े कांग्रेस कार्यकर्ता, अजय राय समेत कई नेता हिरासत में

