भोपाल में थमा किसान आंदोलन, सरकार ने मानी अहम मांगें, MSP पर मूंग खरीद बढ़ेगी
Bhopal Farmers Protest: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई दिनों से जारी किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद धरना खत्म करने का ऐलान किया।
सरकार ने मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद बढ़ाने, खाद वितरण की ई-टोकन (E-Token) व्यवस्था तत्काल प्रभाव से समाप्त करने और किसानों की अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद आंदोलनकारी किसानों ने धरना समाप्त कर वापस लौटने का फैसला किया।
किसानों का कहना था कि इस साल मूंग का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर हुआ, लेकिन सरकार सीमित मात्रा में ही खरीद कर रही थी। इससे बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही थी।
वहीं खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर भी किसानों में भारी नाराजगी थी। उनका आरोप था कि इस व्यवस्था के कारण समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी और खेती का काम प्रभावित हो रहा था।
चार दिन तक चला Farmer Protest
19 किसान संगठनों के बैनर तले शुरू हुए इस आंदोलन के दौरान करीब दो हजार किसान नर्मदापुरम से पदयात्रा करते हुए भोपाल पहुंचे। रास्ते में कई जगह बैरिकेडिंग हुई, लेकिन किसान आगे बढ़ते रहे। राजधानी की सीमा पर रोके जाने के बाद उन्होंने वीर सावरकर सेतु के पास डेरा डाल दिया।
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर ही भोजन बनाया गया और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च की कोशिश में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
सरकार के भरोसे पर खत्म हुआ धरना
लगातार चली बातचीत के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच सहमति बनी। सरकार ने भरोसा दिया कि पहले की तुलना में अधिक मात्रा में MSP पर मूंग की खरीद की जाएगी, ताकि ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके।
इसके साथ ही खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था तत्काल खत्म करने और अन्य मांगों पर भी सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इन वादों के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन (Bhopal Farmers Protest) समाप्त करने की घोषणा कर दी और कई दिनों से राजधानी में डटे किसान वापस लौटने लगे।

