देर रात डिनर करना पड़ सकता है भारी! ब्लड शुगर से लेकर किडनी तक पर पड़ता है असर

Health Tips: आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग देर रात तक काम करने, मोबाइल चलाने या ओटीटी देखते हुए 10-11 बजे या उससे भी बाद में खाना खाते हैं। आमतौर पर इसे केवल वजन बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर शरीर के कई अंगों पर पड़ सकता है। हालांकि, देर रात खाना खाना सीधे तौर पर किडनी की बीमारी का कारण नहीं माना जाता, लेकिन यह कई ऐसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है जो आगे चलकर किडनी को प्रभावित करती हैं।

ब्लड शुगर और इंसुलिन पर पड़ सकता है असर

एनआईएच (NIH) के अनुसार शरीर की जैविक घड़ी यानी सर्केडियन रिदम दिन और रात के हिसाब से काम करती है। दिन में शरीर भोजन को बेहतर तरीके से पचाता है, जबकि रात में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी कम होने लगती है। ऐसे समय में भारी भोजन करने से ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ा रह सकता है। इससे समय के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है, खासकर जब भोजन अधिक कैलोरी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाला हो।

late night dinner kidney health blood sugar insulin risk

मोटापा बढ़ने से किडनी पर पड़ सकता है दबाव

एनसीबीआई (NCBI) के मुताबिक रात में मेलाटोनिन हार्मोन बढ़ने के कारण इंसुलिन का असर कमजोर हो सकता है। यदि इस दौरान भारी भोजन किया जाए तो शरीर अतिरिक्त कैलोरी को फैट के रूप में जमा करने लगता है। इससे मोटापा और पेट की चर्बी बढ़ने का खतरा रहता है।

late night dinner kidney health blood sugar insulin risk

लंबे समय तक मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएं विकसित होने पर किडनी की महीन रक्त वाहिकाएं प्रभावित हो सकती हैं और किडनी की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर, हल्का और संतुलित रात का भोजन करना मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के साथ-साथ किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है।

Also Read: राहुल गांधी पर 15 विशेषाधिकार प्रस्ताव लंबित, निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष से की त्वरित कार्रवाई की मांग 

Get real time updates directly on you device, subscribe now.