UP Chunav से पहले BSP में पारिवारिक खींचतान, मायावती के फैसलों से तेज हुई सियासी चर्चा
UP Chunav 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी के भीतर अचानक बढ़ी अंदरूनी हलचल ने संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दलित, ओबीसी और सवर्ण वोट बैंक को साधने की कोशिशों के बीच पार्टी के भीतर हुए हालिया घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के ससुर और वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
इस फैसले के बाद संगठन के भीतर असमंजस का माहौल बताया जा रहा है। कई वरिष्ठ पदाधिकारी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
UP Chunav 2027 में बदली आकाश आनंद की भूमिका
सूत्रों के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले मायावती ने आकाश आनंद का प्रस्तावित राजस्थान दौरा रद्द कर उन्हें और पार्टी के उपाध्यक्ष आनंद कुमार को लखनऊ बुलाया था। यहां तीन दिनों तक विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन हुआ।
चर्चा के दौरान आकाश आनंद को उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में अहम भूमिका देने और प्रदेशभर में कार्यकर्ता सम्मेलनों की जिम्मेदारी सौंपने पर सहमति बनी थी।
बताया जाता है कि हाथरस और जेवर में उनके कार्यक्रम भी प्रस्तावित थे। हालांकि, बाद में मायावती ने उम्मीदवारों के चयन का अधिकार अपने पास रखने का फैसला किया, जिसके बाद आकाश आनंद की भूमिका पहले की तुलना में सीमित होती दिखाई दी।
दिलचस्प बात यह रही कि उम्मीदवार चयन का अधिकार मायावती के पास रहने के फैसले का अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया के जरिए समर्थन किया था। इसके बावजूद बाद में उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसी वजह से इस कार्रवाई को लेकर संगठन के भीतर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
UP Chunav 2027 से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
बसपा फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटी है। ऐसे समय में संगठन के भीतर हुई इस कार्रवाई ने पार्टी की चुनावी तैयारियों और नेतृत्व की रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, पार्टी की ओर से इसे संगठनात्मक फैसला बताया जा रहा है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनाव से पहले नेतृत्व और संगठन के भीतर चल रहे बदलावों के तौर पर देख रहे हैं।
Also Read: ‘जंतर-मंतर पर छात्र कम, पंचर-चाबी बनाने वाले ज्यादा थे’, रमेश बिधूड़ी ने फिर दिया विवादित बयान

