LDA घूसकांड में बड़ा खुलासा, विजिलेंस के रडार पर कई अफसर, पूछताछ में सामने आए नए नाम
LDA Bribery Case: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में सामने आए चर्चित घूसखोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जेई दिनेश कुमार वर्मा और पंप ऑपरेटर चंद्र प्रकाश को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की जा चुकी है। अब सूत्रों के अनुसार, दोनों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके बाद विजिलेंस की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। बताया जा रहा है कि कई जोनल अधिकारी, अभियंता, कर्मचारी और कुछ बाहरी लोग भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
निजी वाहन से वसूली करने का दावा
सूत्रों के मुताबिक, जोन-5 में तैनात स्मारक समिति के एक सुपरवाइजर का नाम भी जांच में सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई का डर दिखाकर कथित वसूली की जाती थी। इसके लिए सरकारी वाहन की जगह निजी सफेद टाटा नेक्सन कार का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि गतिविधियों पर किसी की नजर न पड़े। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अलीगंज अग्निकांड के बाद भी वसूली के आरोप
सूत्रों का यह भी कहना है कि अलीगंज अग्निकांड के बाद जोन-4 में भी अवैध निर्माणों के नाम पर कथित वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि जिन लोगों ने रकम दी, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अन्य को नोटिस जारी किए गए।
एलडीए के प्रवर्तन अनुभाग पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। वर्ष 2021 में तत्कालीन जेई चमन त्यागी के घर हुई चोरी का मामला भी चर्चा में रहा था। फिलहाल मौजूदा घूसकांड में विजिलेंस जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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