5 साल में 557 करोड़ की विदेशी यात्रा कर चुके हैं PM Modi, सामने आया पाई-पाई का हिसाब
PM Modi Foreign Tour Expenses: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर होने वाला खर्च अक्सर सियासी बहस का मुद्दा बनता रहा है। अब केंद्र सरकार ने संसद में 2021 से जुलाई 2026 तक की सभी आधिकारिक विदेश यात्राओं का विस्तृत हिसाब पेश किया है। राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री शाबिस्ता पबित्र मार्घेरिटा ने लिखित जवाब में बताया कि इस अवधि में प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर अब तक करीब 557 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ दौरों के अंतिम बिलों का भुगतान अभी बाकी है, इसलिए कुल खर्च में आगे बदलाव संभव है।
सरकार के मुताबिक, इन विदेश यात्राओं का मकसद केवल कूटनीतिक रिश्ते (Diplomatic Relations) मजबूत करना नहीं था, बल्कि व्यापार, रक्षा, निवेश, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को नई गति देना भी रहा। इसी दौरान कई देशों के साथ अहम समझौते भी हुए।
साल-दर-साल कितना हुआ खर्च?
2021: बांग्लादेश, अमेरिका, इटली और ब्रिटेन समेत कई देशों की यात्राओं पर 36.12 करोड़ रुपये खर्च हुए। इनमें सितंबर 2021 की अमेरिका यात्रा सबसे महंगी रही, जिस पर 19.63 करोड़ रुपये खर्च हुए।
2022: जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस, नेपाल, जापान (दो बार), यूएई, उज्बेकिस्तान और इंडोनेशिया सहित कई देशों के दौरों पर 55.83 करोड़ रुपये खर्च हुए। जर्मनी यात्रा पर सबसे अधिक 14.47 करोड़ रुपये खर्च आए।
2023: जापान, ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी, अमेरिका, मिस्र, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, ग्रीस और अन्य देशों की यात्राओं पर 93.63 करोड़ रुपये खर्च हुए। जून 2023 की अमेरिका यात्रा सबसे महंगी रही, जिस पर 22.89 करोड़ रुपये खर्च हुए।
2024: यूएई, कतर, भूटान, रूस, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, यूक्रेन, ब्रुनेई, सिंगापुर, अमेरिका, ब्राजील, नाइजीरिया, गुयाना और कुवैत समेत कई देशों के दौरों पर 109.51 करोड़ रुपये खर्च हुए। रूस की दो यात्राओं पर 16 करोड़ रुपये से अधिक और सितंबर की अमेरिका यात्रा पर 15.33 करोड़ रुपये खर्च हुए।
2025: यह विदेश दौरों के लिहाज से सबसे व्यस्त साल रहा। फ्रांस, अमेरिका, मॉरीशस, थाईलैंड, श्रीलंका, सऊदी अरब, कनाडा, ब्राजील, ब्रिटेन, मालदीव, चीन, जापान और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों की यात्राओं पर 187.83 करोड़ रुपये खर्च हुए। अकेले फ्रांस यात्रा पर 25.59 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो इस साल का सबसे बड़ा व्यय रहा।
2026 (जुलाई तक): मलेशिया, इजराइल, यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, इटली, स्लोवाकिया, सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्राओं पर अब तक 74.59 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। सरकार ने बताया कि कुछ यात्राओं के अंतिम बिल अभी शामिल नहीं किए गए हैं।
पुराने दौरों का भी दिया गया हिसाब
सरकार ने संसद में पूर्व वर्षों के विदेश दौरों का खर्च भी साझा किया। इसके मुताबिक-
- 2011: अमेरिका यात्रा पर 10.74 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- 2011: फ्रांस यात्रा पर 8.33 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- 2013: रूस यात्रा पर 9.95 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- 2013: जर्मनी यात्रा पर 6.02 करोड़ रुपये खर्च हुए।
सरकार ने स्पष्ट किया कि ये वास्तविक खर्च (Actual Expenditure) हैं। इनमें महंगाई (Inflation) या डॉलर-रुपये की विनिमय दर (Exchange Rate) के आधार पर कोई समायोजन नहीं किया गया है।
विदेश दौरों से क्या मिला?
PM Modi Foreign Tour Expenses: सरकार के मुताबिक जुलाई 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान फ्रांस, यूएई, जापान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, इजराइल, नीदरलैंड और सेशेल्स समेत कई देशों के साथ एमओयू (MoU – Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर हुए। इनमें रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, सेमीकंडक्टर (Semiconductor), यूपीआई (UPI) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े समझौते शामिल हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भारत को 381.8 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI – Foreign Direct Investment) मिला। सरकार का कहना है कि विदेश यात्राओं का उद्देश्य वैश्विक साझेदारी मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाना भी रहा है।
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