राहुल गांधी ने Gen-Z के दर्द, डेटा और दौलत की बात की, BJP ने कहा- प्रयागराज नहीं, रांची जाइए

Rahul Gandhi in Prayagraj: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद किया। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने भारत की करीब 40 करोड़ की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया, लेकिन कहा कि यही युवा महंगी शिक्षा, घटते रोजगार के अवसर और पेपर लीक जैसी समस्याओं के ‘चक्रव्यूह’ में फंसे हुए हैं।

KP ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं के मुद्दों पर बात करते हुए तीन प्रमुख चीजों पर जोर दिया- दर्द, डेटा और दौलत। उन्होंने कहा कि अगर भारत को आगे बढ़ना है तो उसकी युवा शक्ति का इस्तेमाल रोजगार और आर्थिक अवसर पैदा करने में होना चाहिए।

यह कार्यक्रम कांग्रेस के 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का हिस्सा था। कांग्रेस ने यह अभियान जून में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाने तथा परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू किया था।

‘डिग्री से नौकरी न मिले तो उसका क्या मतलब?’

राहुल गांधी ने कहा कि देश में परिवार बच्चों की उच्च शिक्षा पर लाखों रुपये खर्च करते हैं। युवा इंजीनियरिंग, मेडिकल, पोस्ट ग्रेजुएशन या दूसरे कोर्स करते हैं, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें नौकरी की गारंटी नहीं मिलती।

उन्होंने कहा कि युवाओं को आखिर में एक सर्टिफिकेट मिलता है, लेकिन अगर वह सर्टिफिकेट रोजगार नहीं दिला सकता तो उसकी उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

राहुल गांधी ने दावा किया कि हर 1,000 युवा भारतीयों में केवल 12 को ही पक्की नौकरी मिलती है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक युवक का उदाहरण भी दिया। राहुल के मुताबिक, वह युवक परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले Blinkit के लिए करीब 10 घंटे रोज काम करता था और भारतीय सेना की परीक्षा में सिर्फ एक नंबर से पीछे रह गया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति को लीक हुआ परीक्षा पेपर खरीदने का मौका मिल जाए, तो वर्षों तक मेहनत करने वाले युवाओं की पूरी तैयारी बेकार हो सकती है।

युवा और डेटा को बताया भारत की बड़ी ताकत

 

राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास युवा आबादी के अलावा डेटा के रूप में भी बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि ‘युवा और डेटा’ मिलकर 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था को आकार दे सकते हैं।

उन्होंने डेटा की तुलना 20वीं सदी के पेट्रोलियम से करते हुए कहा कि जिस तरह पेट्रोल के बिना पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल संभव नहीं है, उसी तरह डेटा के बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

राहुल गांधी ने दावा किया कि भारतीयों द्वारा तैयार किया जा रहा भारी मात्रा में डेटा एक राष्ट्रीय संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डेटा से बड़ी कंपनियों को फायदा हो रहा है और इसमें Jio, Adani, Facebook और Google जैसी कंपनियों का जिक्र किया।

‘रील्स 21वीं सदी की लत’

कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी युवाओं से सवाल किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को Instagram और WhatsApp पर लगातार कंटेंट देखने और बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन दूसरी तरफ उन्हें स्थायी रोजगार हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

राहुल गांधी ने लगातार रील्स देखने को ’21वीं सदी की लत’ बताते हुए कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया पर समय बिताने के लिए तो प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन नौकरी और रोजगार के सवाल पर उन्हें संघर्ष करना पड़ता है।

BJP का राहुल गांधी पर पलटवार, ‘प्रयागराज नहीं रांची जाइए’

राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम के बाद BJP ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा। BJP नेता अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी को प्रयागराज के बजाय रांची जाना चाहिए था।

दरअसल, झारखंड में JPSC और JSSC समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और CBI जांच की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। झारखंड में कांग्रेस, JMM के नेतृत्व वाली सरकार की सहयोगी है। इसी मुद्दे को लेकर BJP ने राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम पर सवाल उठाया।

BJP प्रवक्ता सीआर केसवन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास प्रयागराज में छात्रों से संवाद करने का समय है, लेकिन झारखंड में आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मिलने का समय नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्र बेहोश तक हो चुके हैं।

Gen-Z बना सियासत का नया फोकस

पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े सवालों को लेकर युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों के बीच Gen-Z अब राजनीतिक दलों के लिए भी अहम मुद्दा बन गया है।

राहुल गांधी का प्रयागराज कार्यक्रम भी युवाओं से सीधे संवाद और इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है। वहीं BJP इन मुद्दों पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सरकारों को घेरने की कोशिश कर रही है।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शनिवार को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों से जीवन में जिज्ञासा बनाए रखने और सीखने की इच्छा को लगातार जीवित रखने की अपील की।

PM मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद 3,000 से ज्यादा छात्रों और 587 PhD स्कॉलर्स से कहा कि उन्हें स्थापित विचारों पर सवाल उठाते रहना चाहिए। उन्होंने बड़ी चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें छोटे और आसानी से हल किए जा सकने वाले हिस्सों में बांटकर समाधान तलाशने की सलाह दी।

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