धर्मांतरण के नेटवर्क का खुलासा, पूर्व कुलपति पर फंडिंग के आरोप, लखनऊ से प्रयागराज तक फैला था नेटवर्क
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश में कथित धर्मांतरण के मामलों की जांच के बीच प्रयागराज के एक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि पूर्व कुलपति धर्मांतरण से जुड़े नेटवर्क को फंडिंग उपलब्ध कराता था और लखनऊ से प्रयागराज तक उसके एजेंट सक्रिय थे। उसके खिलाफ धर्मांतरण, गबन और जानलेवा हमले समेत 25 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों और उनकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। हाल में पुलिस ने डेनियल उर्फ सुब्रमण्यम समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के मोबाइल और दस्तावेजों से मिली जानकारी के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
कमजोर लोगों को प्रार्थना सभा तक लाने का आरोप
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, मोहनलालगंज, नगराम, गोसाईंगंज और प्रयागराज के कुछ इलाकों में कथित नेटवर्क से जुड़े एजेंट तैयार किए गए थे। इनका काम आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रार्थना सभाओं तक लाना बताया जा रहा है। आरोप है कि इसके बाद लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रभावित किया जाता था।
जांच में पूर्व कुलपति से जुड़े एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उसने वर्ष 2000 में जमीन खरीदकर एक सभा स्थल बनवाया था, जिसे बाद में मिजोरम की एक ईसाई संस्था से जोड़ा गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वहां बाहर से आने वाले लोग ठहरते थे और आसपास के लोगों से संपर्क करते थे।
हरदोई में मौलाना समेत 5 पर धर्म परिवर्तन के दबाव का केस
दूसरी ओर, हरदोई के शाहाबाद में धर्म परिवर्तन के लिए कथित दबाव और मारपीट के मामले में पुलिस ने मौलाना अनवर, उसके तीन बेटों और एक अन्य व्यक्ति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पाली थाना क्षेत्र के भगवंतपुर निवासी रिटायर फौजी राजेश्वर प्रसाद ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वह अपनी समस्या लेकर नरहाई स्थित मजार पर बैठे मौलाना अनवर के पास गए थे। आरोप है कि मौलाना ने समस्या का समाधान करने की बात कहते हुए उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए कहा, जिसके बाद विवाद हो गया।
पीड़ित का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर सभी आरोपियों को हिरासत में लिया है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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