बरेली साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हुई 10.5 लाख की ठगी में से 8.62 लाख पीड़ित को वापस कराए

Bareilly News: बरेली जनपद के थाना साइबर क्राइम ने ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए पीड़ित को उसकी डूबी हुई बड़ी रकम वापस दिलाकर राहत प्रदान की है। मामला बरेली के बिहारीपुर (थाना कोतवाली) निवासी मोहित रस्तोगी पुत्र सुरेश चन्द्र रस्तोगी से जुड़ा है। उन्होंने 17 अक्टूबर, 2025 को साइबर थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्हाट्सएप नंबर के जरिए उन्हें शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर एक ग्रुप में जोड़ा गया था, जिसके बाद फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए उनसे 10 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत धारा 318(4) BNS और 66D IT Act के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

मनी ट्रेल से पकड़ी गई रकम

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक (अपराध) ने साइबर टीम को मामले का तत्काल अनावरण करने और पीड़ित की गाढ़ी कमाई वापस कराने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक धनंजय पाण्डेय की अगुवाई में साइबर पुलिस टीम ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के राष्ट्रीय साइबर पोर्टल (IC4), विभिन्न बैंकों और संबंधित वित्तीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाया। पुलिस टीम ने साइबर अपराधियों के ‘मनी ट्रेल’ का बारीकी से पीछा करते हुए कुल 10.50 लाख रुपये की ठगी में से 8,62,365 (आठ लाख बासठ हजार तीन सौ पैंसठ) रुपये पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक रिवर्स करवा दिए।

पश्चिम बंगाल के 2 आरोपी चिन्हित

साइबर पुलिस के अनुसार, ठगी गई शेष धनराशि को जालसाजों ने अलग-अलग छोटे गेमिंग ऐप और वॉलेट्स में ट्रांसफर किया था, जिसे होल्ड कराने और रिकवर करने का प्रयास लगातार जारी है। विवेचना के दौरान इस पूरे गिरोह के पीछे पश्चिम बंगाल के रहने वाले दो आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उनके विरुद्ध जल्द ही न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस सफल रेस्क्यू टीम में प्रभारी निरीक्षक धनंजय पाण्डेय और कांस्टेबल विजय कुमार शामिल रहे।

जनपदीय साइबर क्राइम पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए अपील जारी की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता विवरण, ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV), या यूपीआई पिन (UPI PIN) साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत मिलने पर फ्रॉड की गई रकम को होल्ड कराकर पीड़ित के खाते में वापस कराना आसान हो जाता है।

रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया

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