Siddharthnagar News: दीक्षारम्भ कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दिया गया सफलता का मंत्र

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के मार्गदर्शन एवं स्वागत हेतु दीक्षारम्भ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद ग्रुप ऑफ जयपुरिया स्कूल्स के निदेशक अनिल कुमार जाजोदिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ज्ञान की खोज, कौशल विकास, सकारात्मक सोच और निरंतर आत्मविकास का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम ‘सिद्धार्थ’ ही विद्यार्थियों को प्रश्न करने और समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है, ठीक उसी तरह जैसे सिद्धार्थ ने जीवन के गूढ़ प्रश्नों का उत्तर खोजकर बुद्ध के रूप में विश्व को ज्ञान का मार्ग दिखाया था। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने और प्रतिमाह कम से कम दो पुस्तकें पढ़ने व नया कौशल सीखने की अपील की।

दीक्षारम्भ कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दिया गया सफलता का मंत्र

डिग्री लक्ष्य नहीं, माध्यम है: अनिल कुमार जाजोदिया

अपने वक्तव्य में अनिल कुमार जाजोदिया ने स्पष्ट किया कि डिग्री जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ रही है, ऐसे में विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल, तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता विकसित करनी होगी। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आज से ही भविष्य की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करना चाहिए।

दीक्षारम्भ कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दिया गया सफलता का मंत्र

मूल्यपरक शिक्षा और अनुशासन से मिलेगी सफलता: प्रो. कविता शाह

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि दीक्षारम्भ कार्यक्रम विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के बौद्धिक वातावरण से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। कुलपति ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ मूल्यपरक शिक्षा भी अनिवार्य है। शॉर्टकट के बजाय अनुशासन, लगन और गहन अध्ययन से ही सफलता संभव है। उन्होंने कहा कि युवाओं की अपार ऊर्जा को सही और सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता है।

दीक्षारम्भ कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दिया गया सफलता का मंत्र

वरिष्ठ अधिकारियों व प्राध्यापकों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, शोध एवं विकास निदेशक प्रो. सुनील कुमार श्रीवास्तव, प्लेसमेंट सेल निदेशक डॉ. आशुतोष वर्मा, एनएसएस समन्वयक डॉ. देवबक्स सिंह और सूचना अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवम शुक्ला ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. नीता यादव ने प्रस्तुत किया। आयोजन की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ और समापन ‘राष्ट्रगान’ से हुआ।

दीक्षारम्भ कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दिया गया सफलता का मंत्र

रिपोर्ट- जाकिर खान

Also Read: ‘तू अपना काम कर, मैं अपना करूंगा…’, स्टार बनने के बाद भी बस चलाते रहे यश के पिता

Get real time updates directly on you device, subscribe now.