राम मंदिर दान चोरी: SIT की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चीट
Ayodhya Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी के मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और ट्रस्टी अनिल मिश्रा (Anil Mishra) को बड़ी राहत मिली है। शासन को सौंपी गई SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के नाम शामिल नहीं हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अंतिम रिपोर्ट में सिर्फ उन आठ आरोपियों के नाम हैं, जिन्हें इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Case) का मामला सामने आने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा पर सबसे ज्यादा आरोप लगे थे। इसके बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया था।
8 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद SIT ने सौंपी रिपोर्ट
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को तीन सदस्यीय SIT गठित की गई थी। लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली टीम ने मामले की जांच की।
प्रारंभिक जांच में चोरी की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच CCTV फुटेज में करीब 70 बार नकदी छिपाकर ले जाने की गतिविधियां सामने आई थीं। साथ ही ट्रस्ट और SBI की संयुक्त मानक कार्यप्रणाली का पालन नहीं होने तथा कर्मचारियों की तलाशी व्यवस्था में खामियों की बात भी सामने आई थी।
इसके बाद आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम नहीं है।
दूसरी SIT की जांच अभी जारी
मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित दूसरी SIT भी जांच कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने SIT को जांच तेजी से पूरी कर सही निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने जांच रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में पेश करने को कहा है। साथ ही फिलहाल रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करने का निर्देश दिया गया है। अदालत का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर Ram Mandir में श्रद्धालुओं के Donation के प्रबंधन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
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