प्रयागराज में उफान पर गंगा-यमुना, लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा जल
Prayagraj News: प्रयागराज में नदियों के तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संगम क्षेत्र में उफान मार रही गंगा नदी का पानी रात लगभग 12:30 बजे प्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे मां गंगा द्वारा अपने पुत्र बजरंगबली को कराया गया पावन स्नान माना जाता है। इस अवसर पर मंदिर के संतों ने ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा का पूजन व दुग्धाभिषेक किया।
बांधों से छोड़े गए पानी से बढ़ा संकट
सिंचाई विभाग (बाढ़ प्रखंड) के अनुसार, माताटीला बैराज, लहचूरा और मौदहा बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण यमुना में बेतवा नदी से 1.60 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। इसके साथ ही टोंस नदी के उफान से छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह प्रभावित हुआ है। आने वाले समय में नैनी में यमुना का जलस्तर 1.25 मीटर, जबकि छतनाग में डेढ़ मीटर और फाफामऊ में 1 मीटर तक बढ़ने का अनुमान है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रयागराज में बड़े हनुमान मंदिर में पहुंचा गंगा का पानी, हनुमान जी ने किया स्नान…#Newsleader | Bade Hanuman Ji Prayagraj pic.twitter.com/QNqjiiDGB1
— News Leader (@NewsLeaderLive) August 30, 2026
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का तांडव
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने भारी तबाही मचाई है। यूपी और एमपी के सीमावर्ती इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। पानी उतरने के बाद लोगों के घरों में रखा सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका है। राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF, SDRF, PAC और वायुसेना को तैनात किया गया है।
उत्तर प्रदेश क्षेत्र: 10 टीमों ने देर रात तक अभियान चलाकर करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाला।
मध्य प्रदेश क्षेत्र: वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों और राहत टीमों की मदद से लगभग 800 लोगों को रेस्क्यू कर 10 अलग-अलग राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
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