मेरी भी चाहत है कि सीएम बनूं, केशव प्रसाद मौर्य ने पहली बार खुलकर जाहिर की महत्वाकांक्षा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मुख्यमंत्री पद को लेकर महत्वाकांक्षा की अटकलें लंबे समय से सियासी गलियारों में तैरती रही हैं। हालांकि, आज तक कभी इस मुद्दे पर उन्होंने खुलकर बयान नहीं दिया था। अब पहली बार एक निजी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में केशव प्रसाद मौर्य ने अपने मन की बात स्वीकार की है। उन्होंने माना कि उनके दिल में भी प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा है। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, मेरी भी महत्वाकांक्षा है कि मैं मुख्यमंत्री बनूं, लेकिन यह सिर्फ मेरे चाहने से नहीं होगा। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और विधायक दल ही यह तय करता है।
2027 में 2017 और 2022 जैसा प्रचंड बहुमत लाना पहली प्राथमिकता
इंटरव्यू के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति और प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनका पहला और सबसे मुख्य लक्ष्य पार्टी के लिए प्रचंड बहुमत हासिल करना है। जिस तरह भारतीय जनता पार्टी ने 2017 और 2022 के चुनावों में भारी बहुमत प्राप्त किया था, ठीक वैसा ही प्रदर्शन 2027 में दोहराना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि चुनाव जीतने के बाद कौन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा, इसका फैसला विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षकों के फीडबैक के आधार पर होता है।
हो सकता है अगली बार आप हमें सीएम के रूप में देखें
2027 के चुनाव के बाद चेहरा बदलने और खुद के डिप्टी सीएम बने रहने के सवाल पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह फैसला करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा, अब देखिए, अगली बार हो सकता है कि आप हमें सीएम के रूप में देखें, या हो सकता है किसी और भूमिका में देखें। यह सब पार्टी नेतृत्व तय करेगा, केशव प्रसाद खुद तय नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां सामान्य से सामान्य कार्यकर्ताओं को भी बड़े पदों पर काम करने का अवसर दिया जाता है।
2027 का चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा
वैसे, उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर जारी कयासबाजियों पर भाजपा संगठन पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुका है। इसी साल अप्रैल में पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया था कि आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा था कि योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बना है और एक सशक्त कानून-व्यवस्था स्थापित हुई है। हालांकि भाजपा चुनाव से पहले चेहरे का औपचारिक ऐलान कम ही करती है, लेकिन संगठन के रुख से साफ है कि 2027 में पार्टी योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर ही चुनाव मैदान में उतरेगी।
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