स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से अंतरिम जमानत

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी दिल्ली से इस समय एक बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। सोशल मीडिया पर अपने तीखे और विवादित बयानों को लेकर लगातार चर्चा में बने रहने वाले इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। इससे पहले पुलिस ने उन्हें मारपीट और हिंसा से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार कर कस्टडी में भेजा था। स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप था कि उन्होंने 14 वर्षीय CJP एक्टिविस्ट के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की थी।

सुरक्षित रखे गए फैसले के बाद आया फैसला

दरअसल, यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले एक व्यक्ति पर हमले से जुड़ा हुआ है। सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता पर कथित तौर पर हमला करने और अन्य गंभीर आरोपों के तहत दायर की गई भारद्वाज की जमानत याचिका पर अपना आदेश 15 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम राहत देने का निर्णय सुनाया।

7 सितंबर को भेजा गया था न्यायिक हिरासत में

मामले की सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने अदालत के समक्ष यह दावा किया कि उनके क्लाइंट को कुछ हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण निशाना बनाकर गिरफ्तार किया गया है। बचाव पक्ष का तर्क था कि इस मामले में शिकायतकर्ता ने खुद ही जून के महीने में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के साथ मारपीट की थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

खुद को कट्टर हिंदू के रूप में पेश करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को यूपी के बुलंदशहर से पुलिस हिरासत में लिया गया था। यह पूरी कानूनी कार्रवाई CJP की कार्यकर्ता निशु आजाद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हुई थी। निशु ने आरोप लगाया था कि भारद्वाज ने उनके पिता संजय पर जानलेवा हमला किया था। इस विवाद के बीच एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें शिकायतकर्ता पक्ष ने दिल्ली पुलिस पर निष्पक्ष FIR दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से हस्तक्षेप और मदद की मांग की थी।

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