पद नहीं, विजन के लिए काम करता हूं”, IT सेल का जिम्मा न मिलने पर शहजाद पूनावाला की सफाई
Shehzad Poonawalla: बीजेपी से अलग होने के बाद शहजाद पूनावाला के इस्तीफे को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे। चर्चा थी कि अमित मालवीय की जगह बीजेपी आईटी और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी नहीं मिलने से वह नाराज थे। अब शहजाद ने इस दावे को खारिज किया है। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के ‘मोजो स्टोरी’ पॉडकास्ट में कहा कि उन्होंने अपना पहला इस्तीफा 30 जुलाई 2026 को ही दे दिया था, जबकि बीजेपी के संगठनात्मक बदलाव की घोषणा 17 अगस्त को हुई थी।
उन्होंने कहा, “मुझे 30 जुलाई को कैसे पता होगा कि 17 अगस्त को क्या होने वाला है?” शहजाद ने यह भी कहा कि वह पद के पीछे नहीं भागते, बल्कि विजन और मिशन के लिए काम करते हैं।
किराए और खर्च की वजह से लिया फैसला
शहजाद ने बताया कि उनके फैसले के पीछे पद या राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियां थीं। उन्होंने कहा कि राजनीति में सक्रिय रहने के दौरान नियमित आय का साधन नहीं था। ऐसे में जीवनयापन और किराए जैसी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा था। इसलिए उन्होंने राजनीति से ब्रेक लेकर निजी क्षेत्र में करियर दोबारा शुरू करने का फैसला किया।
व्यक्तिगत आयकर खत्म करने की वकालत
पॉडकास्ट में शहजाद ने अपने ‘ऐक्स द टैक्स’ अभियान पर भी बात की। उन्होंने व्यक्तिगत आयकर खत्म करने की वकालत करते हुए कहा कि ईमानदार करदाता पर व्यक्तिगत और अप्रत्यक्ष करों का बोझ पड़ता है। उनका दावा है कि व्यक्तिगत आयकर से करीब 14-15 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जो जीडीपी का लगभग 2.5 से 3 प्रतिशत है।
शहजाद के मुताबिक, आयकर हटाने से लोगों के पास खर्च के लिए ज्यादा पैसा बचेगा और मांग बढ़ने से अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है। यह उनका प्रस्ताव और आर्थिक आकलन है।
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