नेपाल दिवस पर भारत की बड़ी मदद, 11 टन राहत सामग्री लेकर पहुंचा IAF का 9वां विमान
Sandesh Wahak Digital Desk: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद जारी राहत एवं पुनर्निर्माण अभियान के बीच भारत ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। नेपाल दिवस के मौके पर भारत ने पड़ोसी देश को 11 टन राहत सामग्री की एक और खेप भेजी है। भारतीय वायुसेना का यह नौवां राहत विमान है, जो नेपाल की रिकवरी और राहत अभियानों के लिए जरूरी सामान लेकर रवाना हुआ।
इसी बीच विदेश मंत्री S. Jaishankar ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, नेपाल सरकार और वहां की जनता को नेपाल दिवस की शुभकामनाएं दीं। जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल के साथ अपनी गहरी और अटूट दोस्ती को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
11 टन राहत सामग्री में क्या-क्या शामिल?
भारत की ताजा राहत खेप में जरूरत के मुताबिक कई अहम सामान शामिल हैं। इनमें:
- दवाएं
- फोरेंसिक सामग्री
- टेंट
- हाइजीन किट
- स्लीपिंग बैग
- अन्य जरूरी राहत सामग्री
शामिल हैं। यह सहायता नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद चल रहे राहत, खोज एवं बचाव तथा रिकवरी अभियान में इस्तेमाल की जा रही है।
जयशंकर ने क्या कहा?
विदेश मंत्रीS. Jaishankar ने राहत सामग्री की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत नेपाल की रिकवरी में लगातार सहयोग कर रहा है। उन्होंने नेपाल के राष्ट्रीय दिवस पर विदेश मंत्री शिशिर खनाल, नेपाल सरकार और नेपाल की जनता को शुभकामनाएं दीं।
जयशंकर का संदेश भारत की Neighbourhood First नीति के तहत नेपाल के साथ मानवीय सहयोग को जारी रखने पर केंद्रित रहा।
Dispatched another 11 tonnes of relief material to Nepal, including medicines, forensics supplies, tents, hygiene kits, sleeping bags and other essential supplies.
India continues to support Nepal’s recovery. #NeighbourhoodFirst pic.twitter.com/WDLIWgNkfx
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 19, 2026
भारत की राहत मुहिम जारी, 9वीं उड़ान भेजी गई
ताजा खेप नेपाल के लिए भेजा गया भारतीय वायुसेना का नौवां राहत विमान है। इससे पहले भी भारत कई चरणों में राहत सामग्री, बचाव उपकरण और विशेषज्ञ टीमों को नेपाल भेज चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक भारत ने अब तक 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है और नेपाल के बचाव, राहत तथा फोरेंसिक अभियानों में मदद के लिए विशेषज्ञ कर्मियों को भी तैनात किया है।
इससे पहले भेजी गई राहत सामग्री में सुरंग बचाव से जुड़े उपकरण, डीएनए और फोरेंसिक सामग्री, कंबल, स्लीपिंग बैग, टारपॉलिन, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी चीजें शामिल थीं।
बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल में अगस्त के अंत में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 18 सितंबर के आंकड़ों के मुताबिक, 1,410 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान कई प्रभावित जिलों में जारी है।
नेपाल सरकार के मुताबिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोगों को बचाया गया है और प्रभावित इलाकों में सड़क, बिजली तथा संचार व्यवस्था बहाल करने का काम भी जारी है। फोरेंसिक टीमें शवों की पहचान और डीएनए संबंधी प्रक्रिया में भी सहयोग कर रही हैं।
भारत-नेपाल संबंधों में मानवीय सहयोग का संदेश
नेपाल दिवस पर जयशंकर की शुभकामनाओं और उसी दौरान राहत सामग्री की नई खेप भेजे जाने से भारत-नेपाल के बीच जारी मानवीय सहयोग एक बार फिर सामने आया है। भारत ने कहा है कि वह नेपाल की राहत, रिकवरी और पुनर्निर्माण प्रक्रिया में सहयोग जारी रखेगा।
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