अलीगढ़ में संपत्ति विवाद में जेठ-जेठानी ने महिला पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, हालत गंभीर

Aligarh News: अलीगढ़ के सिविल लाइन इलाके में संपत्ति के बंटवारे को लेकर बुधवार को विवाद बढ़ गया। मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि ससुराल में महिला के जेठ-जेठानी और उनकी बेटी ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग लगते ही महिला चीखने लगी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाया।

गंभीर रूप से झुलसी महिला को इलाज के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि वह करीब 75 फीसदी झुलस गई है। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टर उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर करने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है और महिला के बयान भी दर्ज किए हैं।

सास के नाम थी संपत्ति, दो हिस्से बड़े बेटे को दिए

घटना में घायल महिला की पहचान साहिबा (30) के रूप में हुई है। वह सासनीगेट क्षेत्र के भुजपुरा की रहने वाली हैं और मुन्ने खां की बेटी हैं। करीब चार साल पहले उनकी शादी सिविल लाइन क्षेत्र के हमदर्द नगर-डी निवासी इरफान से हुई थी।

मायके वालों के अनुसार, साहिबा की सास शहजादी के नाम अलग-अलग जगहों पर संपत्ति है। कुछ दिन पहले उन्होंने टीचर्स कॉलोनी में करीब 50 गज का प्लॉट अपने बड़े बेटे के नाम कर दिया था। इसके बाद मौलाना आजाद नगर स्थित करीब 250 गज के प्लॉट में से 125 गज भी बड़े बेटे के नाम कर दिया गया।

बताया गया कि बाकी 125 गज के मकान को बुधवार को साहिबा के पति इरफान के नाम किया जाना था।

तहसील में विरोध के बाद घर पहुंचा विवाद

मकान इरफान के नाम करने के लिए सास शहजादी अपने बेटे इरफान और बहू साहिबा के साथ तहसील पहुंची थीं। वहां संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान जेठानी ने इसका विरोध किया और तहसील में हंगामा कर दिया। इसके चलते संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

इसके बाद शहजादी और साहिबा वहां से घर लौट आईं। आरोप है कि कुछ देर बाद जेठानी भी वहां पहुंच गई। मायके पक्ष का आरोप है कि घर पर जेठ, जेठानी और उनकी बेटी ने साहिबा से विवाद किया और फिर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

आग लगने के बाद आसपास के लोगों ने पहुंचकर साहिबा को बचाया और अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना पुलिस और साहिबा के मायके वालों को दी गई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

मायके वालों का आरोप है कि साहिबा की जेठानी नहीं चाहती थी कि बाकी मकान इरफान के नाम हो। उनका यह भी कहना है कि जेठानी सास के नाम बची संपत्ति पर भी कब्जा करना चाहती थी। मायके पक्ष के मुताबिक, इससे पहले दो मकान पहले ही बड़े बेटे के नाम किए जा चुके हैं।

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