गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर धांधली के आरोप, BJP के बागी MLC ने CEC को लिखा पत्र
UP MLC Election Controversy: उत्तर प्रदेश में MLC चुनाव के नतीजों के बाद गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट की मतगणना पर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी के बागी MLC देवेंद्र प्रताप सिंह (Devendra Pratap Singh) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) को पत्र लिखकर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने देवरिया के एक और मऊ के दो बूथों पर दोबारा मतगणना कराने की मांग की है।
प्रथम वरीयता के वोट चौथी वरीयता में दर्ज करने का आरोप
देवेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अनियमितताएं कीं। उनके मुताबिक, निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को प्रथम वरीयता में मिले वोटों को चौथी वरीयता के वोट के रूप में दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने देवरिया के बूथ संख्या 84 और मऊ के बूथ संख्या 111 व 115 का उल्लेख किया। देवेंद्र प्रताप सिंह का आरोप है कि इन बूथों की मतपेटियां खोली गई थीं और मऊ के बूथ संख्या 115 पर निर्धारित संख्या से 50 अधिक मतपत्र मिले थे।
उन्होंने मांग की है कि तीनों बूथों पर दोबारा मतगणना कराई जाए और जांच पूरी होने तक पहले जारी जीत के प्रमाण पत्र को निलंबित रखा जाए।
MLC चुनाव में BJP को 6 और सपा को 5 सीटें
उत्तर प्रदेश की 11 MLC सीटों के चुनाव में बीजेपी (BJP) ने छह और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें छह सीटें शिक्षक कोटे और पांच स्नातक कोटे की थीं।
बीजेपी ने शिक्षक कोटे की चार और स्नातक कोटे की दो सीटें जीतीं। वहीं, सपा ने शिक्षक कोटे की दो और स्नातक कोटे की तीन सीटों पर जीत हासिल की। वर्ष 2020 के चुनाव में तीन सीटें जीतने वाली सपा ने इस बार पांच सीटें अपने नाम कीं। पार्टी ने लखनऊ स्नातक, आगरा शिक्षक और वाराणसी की शिक्षक व स्नातक सीटों पर जीत दर्ज की। बीजेपी ने छह सीटें जीतकर अपना पिछला प्रदर्शन बरकरार रखा।
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