भूटान में झील फटने से बंगाल में बाढ़ का खतरा, 10 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया
Bhutan Glacial Lake Flood: भूटान में झील से अचानक पानी निकलने के बाद कई इलाकों में तबाही मच गई। इसका असर पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचने की आशंका के बीच अलीपुरद्वार में प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया। जिले में करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें हजारों लोगों को स्कूलों और राहत शिविरों में ठहराया गया।
संभावित बाढ़ से निपटने के लिए SDRF की टीम तैनात की गई, जबकि NDRF की टीम को भी रवाना किया गया। सिविल डिफेंस की टीमें भी राहत कार्य में जुटीं। हालांकि, बाद में कुमारग्राम इलाके में फ्लैश फ्लड के पानी का असर खत्म होने और भारतीय क्षेत्र में सभी लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई।
10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शाह ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और जिला प्रशासन, पुलिस, ब्लॉक विकास अधिकारी समेत विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। प्रशासन भूटान के अधिकारियों के भी लगातार संपर्क में है।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, करीब 4 से 5 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जबकि 6 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित इलाकों में भेजा गया। अस्थायी राहत केंद्रों के रूप में स्कूलों की इमारतों का इस्तेमाल किया गया। वहां लोगों के लिए सूखा राशन, पीने का पानी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
18 जगहों पर बनाए गए राहत केंद्र
कुमारग्राम ब्लॉक में स्कूलों, सामुदायिक भवनों और चाय बागान से जुड़े भवनों समेत 18 स्थानों पर राहत केंद्र बनाए गए। संकॉश नेपाली लाइन कम्युनिटी हॉल में करीब 600, उत्तर हल्दीबाड़ी जूनियर हाई स्कूल में 800, कुमारग्रामद्वार एमएस हाई स्कूल में 800 और कुमारग्राम बालिका विद्यालय में लगभग 650 लोगों को ठहराया गया।
इसके अलावा माझेरडाबरी हाई स्कूल में करीब 850 और कुमारग्राम टी गार्डन फैक्ट्री में लगभग 900 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई। दूसरे स्कूलों और सामुदायिक भवनों को भी राहत केंद्र बनाया गया।
संकॉश नदी के आसपास रेड अलर्ट
प्रशासन ने संकॉश नदी और आसपास के इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया था। अमित कुमार शाह ने चेतावनी दी थी कि अगले कुछ घंटों में नदी में पानी के साथ मरी हुई मछलियां, लकड़ी के बड़े टुकड़े और कंक्रीट का मलबा भी आ सकता है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया था कि पानी के बहाव की तीव्रता में कुछ कमी आई है। बाद में कुमारग्राम में फ्लैश फ्लड का असर खत्म होने और सभी लोगों के सुरक्षित होने की सूचना मिली। अब प्रशासन राहत शिविरों से लोगों को निकालने और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में कदम उठा रहा है।
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