‘हम इंसानी बम की तरह हैं, कहीं भी फट जाते हैं’, तिहाड़ से बाहर आते ही सौरभ दास ने दिया बयान
CJP Saurabh Das: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास ने तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद अपना अगला लक्ष्य बता दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को अपना नंबर वन टारगेट बताया। दास ने कहा कि उन्हें तो जाना ही पड़ेगा। उनके इस बयान से साफ है कि पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर पीछे हटने के मूड में नहीं है।
‘रेड माइक’ को दिए इंटरव्यू में दास ने तिहाड़ जेल में बिताए समय और वहां के माहौल के बारे में भी खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘हम लोग तो सरकार के लिए इंसानी बम की तरह हैं, कहीं भी फट जाते हैं।’
सौरभ दास को CJP के शीर्ष तीन नेताओं में गिना जाता है। वह पार्टी नेता अभिजीत दीपके के करीबी भी बताए जाते हैं।
तिहाड़ में सात दिन कैसे बीते? सौरभ दास ने बताया अनुभव
इंटरव्यू में जब सौरभ दास से तिहाड़ जेल में बिताए समय के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘तिहाड़ में मुझे अपना समय पसंद आया। एकांत में मजा आया।’
जब उनसे पूछा गया कि क्या जेल में बोरियत नहीं हुई, तो उन्होंने बताया कि उन्हें गैजेट की काफी जरूरत महसूस हुई। इसकी वजह बताते हुए कहा कि उनका आंदोलन ऑनलाइन चलता है। वह एक समय में दो फोन इस्तेमाल करते थे, लेकिन तिहाड़ में रहने के दौरान उन्हें फोन की बिल्कुल याद नहीं आई।
दास ने कहा, ‘इतना विश्वास था कि हमें तिहाड़ में सात महीने या सात साल नहीं रहना पड़ेगा। अगर रहना पड़ता तो रह लेता, अब क्या कर सकते हैं।’
जेल जाते समय मन में क्या चल रहा था, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वह सोच रहे थे कि जब कभी किताब लिखेंगे तो जेल के गेट और वहां के माहौल का जिक्र करेंगे। दास के मुताबिक, तिहाड़ को लेकर जैसी खतरनाक जगह की छवि उनके मन में थी, जेल वैसी नहीं लगी। उन्होंने कहा कि वहां अच्छी तरह व्यवस्था की गई है। जगह खुली है और हरियाली भी काफी है।
क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के सवाल पर बोले- सरकार के लिए ह्यूमन बॉम्ब हैं
इंटरव्यू के दौरान बातचीत जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन और सौरभ दास के खिलाफ दर्ज मामले पर भी पहुंची। इंटरव्यू करने वालों ने कहा कि उनके खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी का केस है। आरोप है कि वे जंतर-मंतर पर कूदे और हाथ में झंडा लेकर पहुंचे थे। इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।
इसी दौरान एक अन्य इंटरव्यूकर्ता ने मजाकिया अंदाज में कहा कि दास यह तो नहीं बता रहे, लेकिन उनके हाथ में झंडा था और पीछे आरडीएक्स लेकर गए थे। इस पर सौरभ दास हंसते हुए बोले, ‘हम तो उनके (सरकार) लिए ह्यूमन बॉम्ब (इंसानी बम) की तरह हैं, कहीं भी जाते हैं फट जाते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन से जुड़ने के पहले दिन से ही उन्हें अंदाजा था कि सरकार उन्हें जेल में डाल सकती है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं सोचा था कि उन्हें इतने दिनों तक जेल में रहना पड़ेगा।
फिलहाल तिहाड़ से बाहर आने के बाद दास ने ज्ञानेश कुमार को अपना नंबर वन टारगेट बताया है। उनके बयान के बाद CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर नजर रहेगी।

