लखनऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले 6 अवैध सिम बॉक्स बरामद
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। साइबर थाना और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीमों ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर शहर के चार अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित 6 सिम बॉक्स बरामद किए हैं। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर साइबर अपराधों और फर्जी कॉलिंग के लिए किया जा रहा था।
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देशन, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार के मार्गदर्शन और डीसीपी क्राइम अनिल यादव, एडीसीपी किरण यादव व एसीपी क्राइम शाहिदा नसरीन के पर्यवेक्षण में यह पूरा ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस टीम ने एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी तथ्यों का गहन विश्लेषण कर हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन और संदिग्ध ठिकानों की पहचान की थी।

चार स्थानों पर की गई छापेमारी
साइबर सेल की टीमों ने दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को समन्वित कार्रवाई करते हुए लखनऊ के चार प्रमुख ठिकानों स्वाति अपार्टमेंट (थाना सुशांत गोल्फ सिटी), आशीर्वाद बिल्डिंग, आदर्श विहार (थाना पारा), गोल्ड लाइन अपार्टमेंट (थाना बीबीडी) और जीजे पैराडाइज, आदर्श नगर (थाना चिनहट) पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
इन स्थानों से पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और गैजेट्स बरामद किए हैं, जिनमें 6 अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स (कुल 192 सिम स्लॉट), 3 वीपीएन गेटवे, 21 स्मार्ट स्विच, 3 स्मार्ट हब, 4 इनवर्टर/यूपीएस, 18 बैटरियां, वाई-फाई राउटर, कैमरे और एक लॉक टैबलेट शामिल हैं।

क्या होते हैं ये सिम बॉक्स
साइबर क्राइम की नोडल ऑफिसर एवं एडीसीपी किरण यादव ने बताया कि बरामद 6 अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स ऐसे खतरनाक उपकरण हैं, जिनमें एक साथ दर्जनों सिम कार्ड लगाकर इंटरनेट आधारित कॉलिंग को वास्तविक मोबाइल नंबरों में बदला जा सकता है। डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में साइबर अपराधी खुद को सीबीआई, पुलिस या अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और फर्जी तरीके से वसूली करते हैं। इस प्रकार के सिम बॉक्स का इस्तेमाल बड़ी संख्या में कॉल करने और कॉलिंग के असली सोर्स (लोकेशन) को छिपाने के लिए किया जाता है। फिलहाल, लखनऊ के साइबर थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जप्त किए गए सभी उपकरणों के तकनीकी परीक्षण के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

