IPL में खिलाड़ियों की 40 करोड़ रुपये की मांग! रिटेंशन को लेकर फ्रेंचाइजियों की बढ़ सकती है मुश्किल
Sports News: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खिलाड़ियों पर पैसों की बारिश होती रही है, लेकिन आने वाले सीजन में यह रकम एक नए स्तर पर पहुंच सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम इंडिया के कुछ शीर्ष खिलाड़ियों ने अपनी फ्रेंचाइजी के सामने रिटेंशन फीस के तौर पर 40 करोड़ रुपये तक की मांग रखी है।
अगर ऐसा होता है तो फ्रेंचाइजियों के लिए अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कुछ बड़े भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी फ्रेंचाइजी को साफ कर दिया है कि वे टीम में तभी बने रहना चाहेंगे, जब उन्हें 40 करोड़ रुपये तक की रकम मिलेगी।
खिलाड़ियों को लगता है कि अगर वे रिटेंशन के बजाय नीलामी में उतरते हैं तो उन्हें इससे भी बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन खिलाड़ियों ने इस तरह की मांग रखी है। न ही फ्रेंचाइजियों या बीसीसीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।
श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत के बड़े कॉन्ट्रैक्ट से बढ़ी उम्मीदें
खिलाड़ियों के बीच रिटेंशन से बाहर रहकर नीलामी में उतरने की रणनीति के पीछे श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत के बड़े कॉन्ट्रैक्ट को भी एक वजह माना जा रहा है।
दोनों खिलाड़ी अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के साथ रिटेन नहीं हुए थे और IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में शामिल हुए थे।
नीलामी में पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर को 26.75 करोड़ रुपये में खरीदा था, जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत पर 27 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
इन बड़ी बोलियों ने खिलाड़ियों को यह भरोसा दिया कि नीलामी में उतरकर वे अपनी कीमत बढ़ा सकते हैं।
IPL 2028 के मेगा ऑक्शन पर रहेंगी सबकी नजरें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPL 2028 से पहले मेगा ऑक्शन होने की संभावना है। उस समय फ्रेंचाइजियों का पर्स बढ़कर 150 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
ऐसे में खिलाड़ियों की रिटेंशन फीस और नीलामी में मिलने वाली रकम को लेकर बातचीत तेज हो सकती है।
अगर 40 करोड़ रुपये की मांग का चलन बढ़ता है तो फ्रेंचाइजियों को अपने बजट और टीम संयोजन के बीच संतुलन बनाना होगा।
फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई और फ्रेंचाइजियां रिटेंशन के नियमों और खिलाड़ियों की मांगों को लेकर क्या रुख अपनाती हैं।

