CR7 का आखिरी सलाम! क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने लिया संन्यास, 146 गोल के साथ खत्म हुआ 23 साल का सफर

Cristiano Ronaldo Retirement: फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।

23 साल तक पुर्तगाल की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरने वाले रोनाल्डो नवंबर के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते नजर नहीं आएंगे।

41 वर्षीय स्टार खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए पुर्तगाल की मशहूर नंबर-7 जर्सी अगली पीढ़ी को सौंपने की बात कही है।

रॉयटर्स के मुताबिक, रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 234 मुकाबले खेले और 146 गोल किए। वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल करने और सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं।

उनके संन्यास के साथ पुर्तगाल के फुटबॉल इतिहास का एक बड़ा अध्याय समाप्त होने जा रहा है।

23 साल का सफर, 146 गोल और ऐतिहासिक रिकॉर्ड

रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। महज 18 साल की उम्र में शुरू हुआ यह सफर जल्द ही उन्हें टीम का सबसे अहम खिलाड़ी और कप्तान बना गया।

अपने लंबे करियर में उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो उन्हें फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल करते हैं।

उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2016 का यूरो कप खिताब शामिल है। फ्रांस में खेले गए फाइनल में पुर्तगाल ने मेजबान टीम को 1-0 से हराकर पहली बार यूरोपीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।

चोट के कारण रोनाल्डो फाइनल में पूरा मुकाबला नहीं खेल सके थे, लेकिन कप्तान के तौर पर उनका योगदान अहम रहा। इसके अलावा पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में यूएफा नेशंस लीग का खिताब भी जीता।

नंबर-7 जर्सी को अगली पीढ़ी को सौंपेंगे रोनाल्डो

रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में पुर्तगाल की नंबर-7 जर्सी का जिक्र करते हुए कहा कि अब इसे लौटाने का समय आ गया है।

उनके मुताबिक, 23 साल तक इस जर्सी को पहनना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी की बात रही।

Cristiano Ronaldo Retirement

उन्होंने कहा कि इस जर्सी को उन्होंने कभी सिर्फ अपना नहीं माना। यह पुर्तगाल और वहां के लोगों की पहचान है।

इतने लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए विशेष सम्मान रहा। अब इस जिम्मेदारी को अगली पीढ़ी को सौंपने का वक्त आ गया है।

कोच जॉर्ज जीसस से विवाद के बाद बढ़ा था तनाव

रोनाल्डो का संन्यास ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में पुर्तगाल के मुख्य कोच जॉर्ज जीसस के साथ उनके मतभेद चर्चा में रहे। विवाद की शुरुआत नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग मुकाबले के दौरान हुई थी।

27 सितंबर को खेले गए इस मैच में पुर्तगाल ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन रोनाल्डो पूरे मुकाबले में बेंच पर रहे।

मैच के बाद रोनाल्डो सीधे ड्रेसिंग रूम चले गए और टीम के साथ दर्शकों का अभिवादन करने के लिए मैदान पर नहीं रुके।

इसके बाद उन्होंने पुर्तगाल का ट्रेनिंग कैंप छोड़ दिया। इस घटनाक्रम ने उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर अटकलें तेज कर दी थीं।

कोच पर वादा तोड़ने का लगाया था आरोप

ट्रेनिंग कैंप छोड़ने के बाद रोनाल्डो ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि कोच जॉर्ज जीसस ने उन्हें नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतारने का भरोसा दिया था।

इसी उम्मीद में उन्होंने वार्मअप भी किया, लेकिन बाद में उन्हें मैदान पर नहीं भेजा गया। रोनाल्डो ने इसे भरोसे का उल्लंघन बताया था।

हालांकि, जॉर्ज जीसस ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उन्होंने रोनाल्डो के लिए एक योजना बनाई थी।

बाद में पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने कैंप छोड़ने के मामले में रोनाल्डो पर 30 दिन का निलंबन और 255 यूरो का जुर्माना लगाया था।

रोनाल्डो ने अपने व्यवहार के लिए प्रशंसकों और टीम के साथियों से माफी भी मांगी थी।

क्लब फुटबॉल में जारी रहेगा रोनाल्डो का सफर

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का मतलब यह नहीं है कि रोनाल्डो खेलना छोड़ देंगे। वह सऊदी अरब के क्लब अल नासर के लिए खेलना जारी रखेंगे।

उनके करियर का एक बड़ा लक्ष्य 1000 गोल का आंकड़ा छूना भी है।

रोनाल्डो और लियोनेल मेसी के दौर को फुटबॉल इतिहास के सबसे चर्चित युगों में गिना जाता है।

पुर्तगाल के लिए 146 गोल, 234 मुकाबले और कई बड़ी उपलब्धियों के साथ रोनाल्डो अब राष्ट्रीय टीम को अलविदा कहने जा रहे हैं।

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