लखनऊ में छेड़छाड़ से परेशान 13 साल की किशोरी ने दी जान, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

Lucknow Minor Suicide Case: लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र में 13 साल की किशोरी की आत्महत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। रमगढ़ा गांव निवासी रामलखन की बेटी शगुन ने सोमवार को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

किशोरी के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को एक युवक परेशान कर रहा था। उन्होंने छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत पुलिस से की, लेकिन कई बार गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि आरोपी की प्रताड़ना और पुलिस की कथित लापरवाही से परेशान होकर किशोरी ने यह कदम उठाया।

पांच महीने पहले हमले की शिकायत का भी आरोप

रामलखन के मुताबिक, करीब पांच महीने पहले हंसकुमार ने अपने भाई विनय कुमार, मां रामलली और पिता श्यामसुंदर के साथ मिलकर उन पर चाकू से हमला किया था। इस मामले में उन्होंने कसमंडी कलां चौकी पर तहरीर दी थी, लेकिन आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई और दरोगा ने घटना को दबा दिया।

पिता ने 13 अक्टूबर को अपनी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में थाने में दूसरी शिकायत दी। इस पर भी कार्रवाई नहीं होने का दावा किया गया है। इसके बाद 24 अक्टूबर को आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन परिवार के मुताबिक वहां से भी कोई राहत नहीं मिली।

पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर पांच महीने पहले दी गई शिकायत पर कार्रवाई होती और बाद की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो शायद यह नौबत नहीं आती।

अब सवाल उठ रहे हैं कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के आरोपों की जांच होगी या नहीं और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं। फिलहाल पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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