मुजफ्फरनगर में 5 मौतों पर BJP मंत्री की अजीब दलील, बोले- ‘जनसंख्या बढ़ रही है, सरकार की भी सीमाएं…’
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर के फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में रविवार शाम हुई दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। लगातार बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसमें दबकर एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भीड़ जुटी, लेकिन प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल (Kapil Dev Agrawal) का एक बयान चर्चा का विषय बन गया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल घायलों का हाल जानने जिला अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई, लेकिन बढ़ती जनसंख्या और सरकार की सीमाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर सवाल उठने लगे।
बारिश में ढहा कच्चा मकान, 5 की मौत
हादसा हबीबपुर गांव में रविवार देर शाम हुआ, जब तेज बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक ढह गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया।
इस हादसे में 52 वर्षीय इस्लामुद्दीन, उनके 8 माह के बेटे जीशान, 2 वर्षीय आहद, 5 वर्षीय अल्शिफ़ा और 12 वर्षीय रुकसार की मौत हो गई। वहीं रुकैया और सुमैया गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायलों से मिले मंत्री, मदद का भरोसा
प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चियों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी घटना का संज्ञान लिया है और जिलाधिकारी व एसएसपी को मौके पर भेजा गया है।
मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी और प्रशासन हरसंभव मदद करेगा।
‘जनसंख्या बढ़ रही है, सरकार की भी सीमाएं हैं’
मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और सरकार सभी जरूरतमंदों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को मकान दिए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की भी अपनी सीमाएं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार बड़ा था और उसमें नौ बच्चे थे। मंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
Also Read: 50 से ज्यादा परीक्षाएं, फिर भी सरकारी नौकरी नहीं, बेरोजगारी से टूटकर AKTU टॉपर ने किया सुसाइड

