BJP कार्यकर्ताओं पर FIR के बाद भड़के बृजभूषण शरण सिंह, कांग्रेस पर साधा निशाना
Gonda News: उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ शुद्धिकरण विवाद अब और गहरा गया है। हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद, अब बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इस पूरी कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। उन्होंने इसे पूरी तरह से वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि भाजपा के आयोजनों में सनातन परंपरा के अनुसार विधि-विधान से देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। चाहे गणेश पूजन हो या हनुमान चालीसा का पाठ, शुभ कार्यों से पहले पूजा-अर्चना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह विद्यालयों में कार्यक्रमों का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से होता है, ठीक वैसे ही पार्टी के कार्यक्रमों में भी धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
चुनाव आते ही हिंदू बनने का नाटक करते हैं राहुल गांधी
एक टीवी चैनल के रिपोर्टर से बात करते हुए पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा के एक नियमित धार्मिक कार्यक्रम में हुई पूजा को कांग्रेस ने जानबूझकर शुद्धिकरण का रंग देकर विवाद खड़ा कर दिया। इसी मनगढ़ंत विवाद के आधार पर बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार के हथकंडों से कांग्रेस को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला।
दलित वोट बैंक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भले ही सभी दल दलित समाज को साधने का प्रयास करते हैं, लेकिन वर्तमान में देश का बड़ा दलित वर्ग भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही वे हिंदू बनने की कोशिश करने लगते हैं, जबकि बाकी समय उनका रुख हिंदू विरोधी दिखाई देता है।
उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण का मामला सामने आने के बाद से ही कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाए हुए है। कांग्रेस के एससी विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा की शिकायत पर उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बेंगलुरु में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भाजपा नेताओं ने इस कृत्य का खुलकर समर्थन किया था, जिसके बाद से दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
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