बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत, महिला पहलवान यौन उत्पीड़न मामले में बरी
Delhi News: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में बड़ी राहत मिली है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया। अदालत ने सह-आरोपी विनोद तोमर को भी राहत दी।
यह मामला करीब साढ़े तीन साल तक चला, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में बृजभूषण शरण सिंह और तत्कालीन सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इसके बाद दोनों को जुलाई 2023 में नियमित जमानत मिल गई। मई 2024 में अदालत ने आरोप तय किए और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 32 गवाहों के बयान दर्ज कराए, जबकि कई अन्य गवाहों को बाद में सूची से हटा दिया गया।
फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण?
अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही खुद को निर्दोष बताया था और अब अदालत के फैसले ने उनकी बात को सही साबित कर दिया।

वहीं, उनके वकील ने कहा कि वे अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, शिकायतकर्ताओं के बयानों में कई विरोधाभास थे, जिन्हें अदालत ने भी ध्यान में रखा।
जनवरी 2023 से शुरू हुआ था विवाद
इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2023 में हुई थी, जब कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। इस दौरान जंतर-मंतर पर कई चरणों में प्रदर्शन हुए और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा।
करीब साढ़े तीन साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने सबूतों के अभाव में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है।
मामले में अदालत का विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है।

