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संपादकीय

सम्पादक की कलम से : फ्रांस-भारत की बढ़ती दोस्ती के मायने

फ्रांस और भारत की दोस्ती लगातार गहरी होती जा रही है। दोनों न केवल एक दूसरे के साथ रक्षा बल्कि अन्य क्षेत्रों में अपनी साझेदारी…

सम्पादक की कलम से : आतंकवाद और विदेशनीति

करीब एक दशक में आतंकवाद को लेकर भारत की विदेश नीति में आमूलचूल  बदलाव हुए हैं। वैश्विक मंचों से लेकर घरेलू स्तर तक इससे निपटने के…

सम्पादक की कलम से : राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल और सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 1996 में राष्ट्रीय राजधानी…

सम्पादक की कलम से : कब सुधरेगी शहरों की सूरत

यूपी सरकार के तमाम दावों के बावजूद शहरों की हालत सुधरती नहीं दिख रही है। मानसून ने नगर निगमों और नगर पालिकाओं के दावों की पोल खोल…

सम्पादक की कलम से : गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों की हकीकत

यूपी सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों की हकीकत जमीन पर नहीं दिख रही है। लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों की तमाम सड़कें न…

सम्पादक की कमल से : महाराष्ट्र में सियासी उलटफेर के मायने

महाराष्ट्र में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर हो गया है। महाविकास अघाड़ी गठबंधन के प्रमुख दल एनसीपी के अजित पवार ने न केवल शिंदे…