जंतर-मंतर पर फिर जुटे CJP समर्थक, शंभू बॉर्डर पर डटे किसान, दिल्ली कूच की तैयारी
Delhi Protest: राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े प्रदर्शनों के दबाव में है। एक ओर जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर डटे हुए हैं। दूसरी ओर पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसान ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले भारत-अमेरिका के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में दिल्ली के किसान घाट की ओर कूच की तैयारी कर रहे हैं। दोनों आंदोलनों के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
शंभू बॉर्डर सील, किसानों का FTA के खिलाफ विरोध
किसानों की महापंचायत और प्रस्तावित दिल्ली मार्च को देखते हुए पंजाब और हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर सील कर दिया है। सीमा पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई है। किसानों ने कुछ समय के लिए अमृतसर-दिल्ली मार्ग भी बाधित किया था। हालांकि, अंबाला के डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि अब यातायात धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है और कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की गिरफ्तारी के विरोध में भी किसानों ने शंभू टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया था।
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी
किसान संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित FTA लागू होने पर अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में आने से छोटे किसानों और व्यापारियों को नुकसान होगा। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी व्यापार समझौते में किसानों के हित सर्वोपरि रहेंगे। भाजपा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने भी किसानों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई।
उधर, संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद CJP समर्थक फिर जंतर-मंतर लौट आए हैं। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया है।
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