पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन शुरू, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

Sandesh Wahak Digital Desk: देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर शनिवार को एक बड़े छात्र आंदोलन और राजनीतिक विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के गंभीर मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके खुद मैदान में उतरे। बताया जा रहा है कि वे शनिवार सुबह ही अमेरिका से दिल्ली लौटे और हवाई अड्डे से बाहर आते ही सीधे प्रदर्शन स्थल की तैयारियों में जुट गए। इस दौरान उन्होंने अपने हाथ में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुस्तक लेकर वहां मौजूद भारी जनसैलाब का अभिवादन स्वीकार किया।

परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

जंतर-मंतर पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में देश के कोने-कोने से आए हजारों की संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने हाल ही में हुए NEET-UG पेपर लीक विवाद के साथ-साथ CBSE, CUET और SSC-GD जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों को लेकर देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह पारदर्शिता सुनिश्चित करने की पुरजोर वकालत की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद

इस आक्रोशित प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और जब तक शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता। मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी असंतोष के स्वर और नारेबाजी सुनाई दी। पार्टी नेताओं ने साफ किया कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली युवाओं का संवैधानिक अधिकार है।

भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए पार्टी की ओर से इस प्रदर्शन को पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) जारी किए गए थे। आंदोलन में हिस्सा लेने आए युवाओं से अपने साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, कोई भी एक किताब और फूल लाने की अपील की गई थी। इसके साथ ही, लू और अत्यधिक तापमान से बचाव के लिए सभी से जरूरी इंतजाम (जैसे पानी की बोतल और छाता) करके आने को कहा गया था, ताकि यह विरोध प्रदर्शन बिना किसी अप्रिय घटना के गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

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