Datia By-Election: नरोत्तम का टिकट काटकर भी BJP फेल, 6016 वोटों से जीते कांग्रेस के घनश्याम सिंह

Datia By-Election Result: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं और इनमें भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह (Ghanshyam Singh) ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को करीब 6,016 वोटों के अंतर से हराकर सीट पर कब्जा बरकरार रखा। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी 60,741 वोटों पर सिमट गए।

यह उपचुनाव तब हुआ जब पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को कोर्ट केस में सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गई। 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) को करीब 7,742 वोटों से हराया था। इस बार भी भाजपा ने सीट वापस लेने की भरपूर कोशिश की, लेकिन प्लान फेल हो गया।

सबसे चटपटी बात यह रही कि भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट ही काट दिया। क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय और तीन बार विधायक रह चुके नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी ने अंतिम समय में आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बना दिया।

टिकट कटने पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में भारी नाराजगी फैल गई। जिलाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दे दिया, विरोध प्रदर्शन हुए और हाईवे जाम तक किए गए। फिर भी भाजपा नेतृत्व को लगा कि नया चेहरा और पार्टी का नाम काफी है, जीत आसान होगी। लेकिन दतिया की जनता ने फैसला कुछ और सुनाया।

BJP को नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी झटका

Datia By-Election में नरोत्तम मिश्रा के अपने बूथ पर भी भाजपा को झटका लगा। वहां कांग्रेस 27 वोटों से आगे रही। आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव ने भी हजारों वोट काट लिए, जिससे भाजपा के वोट बंटे। नतीजा यह हुआ कि सत्ताधारी पार्टी को करारी हार झेलनी पड़ी।

कांग्रेस में जश्न का माहौल है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे भाजपा सरकार के खिलाफ जनता का संदेश बताया। घनश्याम सिंह ने जीत के बाद जनता का आभार जताया और कहा कि वे लोगों के भरोसे पर खरे उतरेंगे। भाजपा के लिए यह हार सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि नरोत्तम मिश्रा फैक्टर और टिकट कटाने वाले फैसले की भी नाकामी साबित हुई।

दतिया बाय-इलेक्शन (Datia By-Election) के नतीजे साफ बताते हैं कि सिर्फ नाम और संगठन से जीत नहीं मिलती। जनता का मिजाज समझना जरूरी है। भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को किनारे करके जो दांव खेला, वह उल्टा पड़ गया और कांग्रेस ने सीट पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

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