बांकीपुर में जन सुराज का खुला खाता, प्रशांत किशोर ने BJP के गढ़ में दर्ज की पहली बड़ी चुनावी जीत
Prashant Kishor: बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम जन सुराज और उसके संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए अहम माना जा रहा है। इस जीत के साथ पार्टी ने पहली बार किसी चुनाव में जीत दर्ज की है। लगातार चुनावी असफलताओं के बाद इसे प्रशांत किशोर की पहली बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।
लगातार हार के बाद मिली पहली सफलता
जन सुराज को 2024 के उपचुनावों और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कोई सफलता नहीं मिली थी। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 243 में से पांच उम्मीदवारों के नाम वापस होने के बाद 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था। करीब 16,77,583 वोट (3.47%) मिलने के बावजूद पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। कई सीटों पर उम्मीदवारों का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा था।
BJP के गढ़ में बनाई मजबूत बढ़त
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने मुकाबले को प्रतिष्ठा की लड़ाई बनाया। उन्होंने चुनाव को बेहतर शासन, शहरी विकास और वैकल्पिक राजनीति के मुद्दों से जोड़ा। रिपोर्ट लिखे जाने तक 31 में से 26 राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी थी। जन सुराज के उम्मीदवार को 53,566 वोट मिले और वे 15,864 वोटों से आगे चल रहे थे। बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा को 37,702 वोट, जबकि आरजेडी की रेखा कुमारी को 11,933 वोट मिले।
राजनीतिक साख को मिली मजबूती
बांकीपुर का परिणाम सिर्फ एक सीट की जीत नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे जन सुराज की राजनीतिक पहचान और प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति को नई मजबूती मिली है। लगातार दो चुनावी झटकों के बाद यह नतीजा पार्टी के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
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